भारत में ज्यादातर मंदिर सुबह खुलते हैं और दोपहर या शाम तक बंद हो जाते हैं। लेकिन देश में कुछ ऐसे रहस्यमयी मंदिर भी हैं, जहां रात के अंधेरे में भी भगवान के दर्शन मिलते हैं। रात के सन्नाटे में मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि से पूरा माहौल अलौकिक हो उठता है। आइए जानते हैं भारत के उन विशेष मंदिरों के बारे में, जहां रात में भी दर्शन का सौभाग्य मिलता है।
महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में इकलौता ऐसा धाम है, जहां रात 3 से 5 बजे के बीच भगवान शिव की भस्म आरती होती है। इसी वजह से श्रद्धालु रात के अंधेरे में ही दर्शन के लिए मंदिर पहुंच जाते हैं। उज्जैन जाने के लिए इंदौर का हवाई अड्डा सबसे नजदीक है, जबकि उज्जैन जंक्शन रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा है।
करणी माता मंदिर, देशनोक
राजस्थान के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर अपने चूहों के लिए मशहूर है। यहां हजारों चूहे मंदिर परिसर में आजादी से घूमते हैं और इन्हें शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यहां किसी चूहे को नुकसान पहुंचाना अशुभ होता है। बीकानेर से करीब 30 किलोमीटर दूर इस मंदिर तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान का मेहंदीपुर बालाजी मंदिर बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए जाना जाता है। ऐसी आस्था है कि यहां आने वालों को अपनी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। मंदिर में भूत-प्रेत से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं, जिनके चलते यहां रात के समय भी विशेष पूजा-अर्चना होती है। जयपुर से करीब 110 किलोमीटर दूर इस मंदिर तक बस और टैक्सी से पहुंचा जा सकता है।
ज्वालामुखी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी मंदिर की जोत अपने आप दिन-रात जलती रहती है, जिसे चमत्कार माना जाता है। बिना घी, तेल या किसी ईंधन के जलती इस ज्योति के पीछे की रहस्यमयी शक्ति आज भी वैज्ञानिकों के लिए पहेली बनी हुई है। यहां दिन-रात मां ज्वाला के दर्शन होते हैं। धर्मशाला और पठानकोट से यहां पहुंचना आसान है। इन मंदिरों की यात्रा पर निकलने से पहले मंदिर के समय, आरती के नियम और ठहरने की व्यवस्था की जानकारी जरूर ले लें, ताकि यात्रा सुखद और यादगार बन सके।









