ऑफिस में प्रेजेंटेशन हो या कॉलेज में सेमिनार, पब्लिक स्पीकिंग आज हर जगह अहमियत रखती है। आप नौकरीपेशा हों या स्टूडेंट, कभी न कभी आपको मंच पर जाकर बोलना ही पड़ता है। लेकिन बहुत से लोग पूरी तैयारी के बाद भी मंच पर चढ़ते ही घबरा जाते हैं। धड़कनें तेज हो जाती हैं, हाथ-पैर कांपने लगते हैं और दिमाग से शब्द ही गायब हो जाते हैं। इसी डर को स्टेज फियर कहा जाता है। अच्छी खबर यह है कि यह डर बेहद आम है और पब्लिक स्पीकिंग का हुनर किसी भी उम्र में सीखा जा सकता है।
सबसे बड़ा हथियार है प्रैक्टिस
डॉक्टर नेहा मेहता के अनुसार स्टेज फियर से बचने का सबसे बड़ा हथियार प्रैक्टिस है। जिस टॉपिक पर बोलना है, उसकी अच्छी तरह तैयारी करें। कंटेंट और डेटा को जितनी ज्यादा बार दोहराएंगे, बोलते समय शब्द उतने ही आसानी से मिलेंगे। दरअसल मंच पर घबराने की सबसे बड़ी वजह तैयारी की कमी या अधूरी तैयारी होती है, इसलिए प्रेजेंटेशन से पहले नियमित अभ्यास बिल्कुल न छोड़ें।
गहरी सांस और सकारात्मक सोच
मंच पर जाने से ठीक पहले घबराहट बढ़ रही हो तो गहरी सांस लें। लंबी और गहरी सांस लेकर खुद से कहें कि यह बस कुछ देर की बात है और सब ठीक होगा। अक्सर लोग मंच पर जाते समय बहुत तनाव में होते हैं, लेकिन बोलकर उतरते ही पूरी तरह रिलैक्स महसूस करते हैं।
करीबियों से बात करें, दूसरों को सुनें
मंच पर जाने से पहले किसी ऐसे दोस्त से बात करें, जिससे आपका तनाव कम होता हो। डॉक्टर की सलाह है कि आखिरी समय में टॉपिक का रट्टा बिल्कुल न लगाएं, बल्कि बाकी वक्ताओं की बात सुनने की कोशिश करें। इससे ध्यान टेंशन से हटता है। वहीं जब आपका प्रेजेंटेशन खत्म हो जाए और कोई और बोल रहा हो, तो उसे सच में सुनें। इससे आपको पता चलेगा कि आप कहां सुधार कर सकते हैं।
सोच बदलें और आईने के सामने अभ्यास करें
मंच पर चढ़ते समय यह न सोचें कि लोग आपको सुन रहे हैं, बल्कि यह सोचें कि आप किसी ऐसे व्यक्ति के सामने बोल रहे हैं, जिसमें कोई भावना नहीं है। यह सोच आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती है। आखिरी और बहुत असरदार तरीका है आईने के सामने अभ्यास। जब लगे कि तैयारी पूरी हो गई है, तो एक बार शीशे के सामने बोलकर जरूर देखें। इससे हाव-भाव, आवाज के उतार-चढ़ाव और बॉडी लैंग्वेज में सुधार होता है। याद रखें, पब्लिक स्पीकिंग तभी मुश्किल लगती है जब प्रैक्टिस अधूरी हो। अच्छी तैयारी और मजबूत कंटेंट के साथ मंच पर डरने की कोई जरूरत नहीं है।









