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नंदा-सुनंदा महोत्सव में पहुंचे CM धामी, बोले – विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण

On: September 22, 2026 9:13 PM
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झील नगरी नैनीताल इन दिनों मां नंदा-सुनंदा की भक्ति में डूबी हुई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल में आयोजित भव्य मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने मां नंदा-सुनंदा के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश के समस्त नागरिकों के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्होंने महोत्सव में उपस्थित माताओं, बहनों, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों का हार्दिक स्वागत किया।

आस्था और संस्कृति का पावन संगम है नंदा देवी महोत्सव

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव कोई सामान्य मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों पुरानी परंपराओं का पवित्र उत्सव है। इस महोत्सव में मां नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और ढोल-दमाऊं की थाप के माध्यम से लोक संस्कृति जीवंत हो उठती है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी जड़ों पर गर्व करता है, वही आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल अपनी झील, पर्वतों और वादियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, परंतु यह केवल पर्यटन स्थल नहीं, आस्था का भी बड़ा केंद्र है। यहां मां नैना देवी का धाम, हनुमानगढ़ी, प्रसिद्ध कैंची धाम तथा मुक्तेश्वर में भगवान महादेव का सान्निध्य मिलता है, जो प्रकृति और अध्यात्म के संगम को नैनीताल की विशेष पहचान देता है।

‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर चल रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में प्राचीन धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक के साथ केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के विकास ने आस्था के केंद्रों को नई पहचान दी है। इसी भावना से उत्तराखंड सरकार ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र पर देवभूमि को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं में ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत पौराणिक धार्मिक स्थलों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और विरासत का मूल स्वरूप सुरक्षित रहे। मां नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन से खुलेंगे रोजगार के द्वार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, मातृशक्ति को स्वरोजगार के अवसर और स्थानीय कला-उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। उत्तराखंड की संस्कृति देश-दुनिया तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले के समग्र विकास हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी को सशक्त किया जा रहा है, ताकि पहाड़ के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए दूर न भटकना पड़े और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की भूमि, प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य में भूमि कानूनों को कठोर किया गया है — पर्वतीय जिलों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा कृषि और उद्यान भूमि की खरीद पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। सरकार लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है, वहीं समान नागरिक संहिता जैसे कदमों से महिलाओं के अधिकार सशक्त हुए हैं।

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