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शिक्षक गढ़ता है देश का भविष्य: ज्ञान गंगा सम्मान समारोह में बोले सीएम धामी, मेधावियों को मिली छात्रवृत्ति

On: September 9, 2026 8:39 PM
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम’ में शिरकत की। कुसुम कांता फाउंडेशन और मंथन वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त आयोजन में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों और छात्रवृत्ति पाने वाले बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रतिभाओं को मंच देने की सराहनीय पहल

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान गंगा सम्मान समारोह महज पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि छिपी प्रतिभाओं को पहचान देने, शिक्षा को प्रोत्साहित करने और बच्चों के सपनों को उड़ान देने का प्रशंसनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई में सहयोग करना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उसके सपनों को साकार करने में भागीदार बनना है।

स्वर्गीय कुसुम कांता को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत, साहित्य और शिक्षा के प्रति उनका आजीवन समर्पण प्रेरणादायी रहा। उनके मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए कुसुम कांता फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने मंथन वेलफेयर एसोसिएशन के सामाजिक जागरूकता व जनकल्याण प्रयासों की भी सराहना की।

‘शिक्षक देता है दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और संस्कार’

गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थी को सही दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और संस्कार प्रदान करता है। वह बच्चे की प्रतिभा पहचानकर उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कक्षा में पढ़ा रहा शिक्षक एक विद्यार्थी का ही नहीं, पूरे देश के भविष्य का निर्माण करता है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ ऐसे संस्कार और जीवन-मूल्य दें, जो उन्हें अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाएं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से बदल रही शिक्षा व्यवस्था

शिक्षा सुधारों का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल हुई है। उत्तराखंड इस नीति को लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में है। राज्य सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के साथ शिक्षक भर्ती को पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

अभिभावकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को सिर्फ सुविधाएं देना पर्याप्त नहीं है, उन्हें समय, संस्कार और अनुशासन देना भी आवश्यक है। बच्चों का सकारात्मक मार्गदर्शन हर परिस्थिति में होना चाहिए। बच्चे का बेहतर भविष्य केवल पढ़ाई से नहीं, बल्कि स्कूल और परिवार के संयुक्त प्रयास से तय होता है। नई पीढ़ी के निर्माण में माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका समान है।

विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र

छात्र-छात्राओं से संवाद में मुख्यमंत्री ने बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत, अनुशासन व दृढ़ संकल्प से उन्हें पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए, क्योंकि कठिन रास्ते ही बड़ी मंजिलों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार छात्रों को अवसर और हरसंभव सहायता देने के लिए साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र भविष्य में शिक्षक, वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी, व्यवसायी या प्रशासक कुछ भी बनें, सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के युवा अपने ज्ञान, प्रतिभा, परिश्रम और संस्कारों से उत्तराखंड व भारत के निर्माण में बड़ा योगदान देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपनी पत्नी स्वर्गीय कुसुम कांता को याद करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा, साहित्य, संगीत और समाजसेवा से गहरा लगाव था। शिक्षिका के रूप में उन्होंने शिक्षा और संस्कारों को सर्वोपरि रखा। उनके मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा व समाजहित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। डॉ. निशंक ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और राष्ट्र के भविष्य की नींव है।

समारोह में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रो. सुधारानी पाण्डेय, कुसुम कांता फाउंडेशन की संस्थापक विदुषी निशंक और आर्यन देव उनियाल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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