देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राजधानी देहरादून के साथ बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश के अन्य भागों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए शासन ने संबंधित जिला प्रशासनों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और समस्त आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
हरिद्वार में चित्रकूट घाट पर दर्दनाक हादसा
दूसरी ओर हरिद्वार से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। मंगलवार शाम भूपतवाला क्षेत्र स्थित चित्रकूट घाट पर स्नान के दौरान उत्तर प्रदेश का एक श्रद्धालु उफनती गंगा के तेज प्रवाह में बह गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार लापता व्यक्ति की पहचान यूपी के बागपत जिले के बड़ौत निवासी 52 वर्षीय श्याम के रूप में हुई है। वह घाट पर स्नान कर रहे थे, तभी अचानक गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया, किंतु देर शाम तक उनका कोई पता नहीं चल सका था।
चकराता में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर बारिश, तापमान में गिरावट
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार प्रदेश में बारिश का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा। भूस्खलन संभावित और संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में देहरादून के चकराता क्षेत्र में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। धनोल्टी में 35 मिलीमीटर और रिखणीखाल में 33.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अतिरिक्त ऋषिकेश (नीलकंठ), सहस्रधारा, लक्सर, बाजपुर, बनबसा और रुद्रपुर में अच्छी बौछारों से तापमान में कमी आई है। देहरादून का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री और न्यूनतम 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पंतनगर में अधिकतम पारा 31.8 और मुक्तेश्वर में 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की हिदायत
प्रशासन ने नदियों के किनारे निवास करने वाले लोगों और पर्यटकों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा सके।









