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‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’: 2.67 लाख विद्यार्थियों ने निबंधों में बयां किया प्रदेश का भविष्य

On: August 25, 2026 8:48 PM
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वित्तीय प्रबंधन में श्रेष्ठ प्रदर्शन — उत्तराखण्ड शासन

देहरादून। राज्य के विकास का खाका खींचने में अब युवा पीढ़ी सीधे अपनी राय रख रही है। सरकार की विशेष पहल ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में स्कूली छात्र-छात्राओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है। कक्षा 11वीं और 12वीं के 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध और सुझावों के जरिए बताया कि वे आने वाले समय में अपने प्रदेश को किस रूप में देखना चाहते हैं।

10 अगस्त के कार्यक्रम से हुई शुरुआत

10 अगस्त को ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से राज्य के भविष्य को लेकर सुझाव मांगे थे। विद्यार्थियों को 24 अगस्त तक विशेष पोर्टल पर अपने विचार साझा करने का समय दिया गया था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सरकारी और निजी स्कूलों में 11वीं-12वीं में पढ़ने वाले कुल 2,96,426 छात्रों में से 2,67,744 ने अपने निबंध पोर्टल पर अपलोड किए। विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधुनिक तकनीक, वन एवं पर्यावरण तथा सामाजिक विकास जैसे आठ अहम क्षेत्रों में ठोस समाधान और नए विचार सुझाए। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्राथमिकताओं को समझने का अहम जरिया बन गया है।

पहाड़ी जिलों में शत-प्रतिशत भागीदारी

रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और चमोली जिलों में शत-प्रतिशत छात्रों ने अपने विचार दर्ज कराए। पौड़ी में 98.82, अल्मोड़ा में 97.46, हरिद्वार में 91.77 और टिहरी में 91.57 प्रतिशत भागीदारी दर्ज की गई। बागेश्वर में 89.26, नैनीताल में 85.89 और उत्तरकाशी में 84.93 प्रतिशत युवाओं ने हिस्सा लिया। देहरादून में कुल 63,666 पंजीकृत छात्रों में से 47,358 ने निबंध जमा किए। प्राप्त निबंधों का मूल्यांकन मुख्यमंत्री की निगरानी में विशेषज्ञों की टीम कर रही है। श्रेष्ठ विचारों के परिणाम 16 सितंबर को घोषित किए जाएंगे और 140 सबसे बेहतरीन विचारों का चयन होगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ सचिवों और अधिकारियों के सामने अपनी योजनाएं प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा, साथ ही मुख्यमंत्री स्वयं इन छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर मार्गदर्शन में विशेष सहयोग व पुरस्कार भी दिए जाएंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया गया है। अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल के मुताबिक नीति निर्माण में स्कूली छात्रों को जोड़ने का यह प्रयास बेहद सफल रहा, वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के व्यावहारिक सुझावों को राज्य की विकास योजनाओं में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।

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