उत्तराखंड में आपदा और बारिश के बीच सड़कों की मरम्मत को लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम से लौटते समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने हाल ही में बह गई एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण की गुणवत्ता देखी और मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरी व्यवस्था का ब्योरा मांगा।
दरअसल, बीते दिनों नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी। मामले की गंभीरता देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसका नतीजा यह रहा कि लोनिवि और संबंधित विभागों ने दिन-रात एक करके महज 12 घंटे में एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण कर दिया।
ग्राउंड पर पहुंचे CM, परखी सुरक्षा व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यस्थल पर यातायात संचालन और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि मानसून के दौरान ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए टीमें हमेशा तैयार रहें। सीएम ने कहा कि सड़कों और पुलों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, ताकि लोगों को आवाजाही में दिक्कत न हो।
12 घंटे का ‘मिशन रिपेयर’
एप्रोच रोड कटने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। समय पर काम न होता तो देहरादून-विकासनगर मार्ग पर घंटों लंबा जाम लग सकता था। लेकिन सरकार के त्वरित एक्शन और इंजीनियरों की मुस्तैदी से 12 घंटे के भीतर सड़क वाहनों के चलने लायक बना दी गई। सीएम धामी ने रिकॉर्ड समय में कार्य पूर्ण करने वाले इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की।
अधिकारियों को कड़े निर्देश
स्थानीय लोगों के अनुसार एप्रोच रोड बनने से क्षेत्र के हजारों यात्रियों और रोजाना आवागमन करने वालों को राहत मिली है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि मानसून सीजन में राज्य के किसी भी हिस्से में सड़क बंद होने या पुलों को नुकसान की सूचना मिलते ही इसी तरह ‘वार फूटिंग’ पर कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।









