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रुद्रपुर में गरजे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे— ‘मैं पर्यटन के लिए नहीं, BJP को सत्ता से हटाने आया हूं’

On: August 9, 2026 6:21 PM
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रुद्रपुर। उत्तराखंड का सियासी तापमान रविवार को उस समय तेजी से बढ़ गया, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर सीधा और तीखा प्रहार किया। रुद्रपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को संबोधित करते हुए खड़गे ने साफ कहा कि उनका यह दौरा सैर-सपाटा नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के हक की लड़ाई और संगठन में नई ऊर्जा भरने का अभियान है। मुख्यमंत्री की टिप्पणियों का जवाब देते हुए उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि वे यहां भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मार्ग प्रशस्त करने आए हैं।

मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर तीखा पलटवार

रुद्रपुर के इस बड़े कार्यक्रम में खड़गे के तेवर पूरी तरह आक्रामक दिखे। उन्होंने राज्य सरकार की विफलताओं को घेरा और देश की पुरानी राजनीतिक परंपराओं की याद दिलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा उनके दौरे पर उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए खड़गे बोले कि उनसे पूछा जा रहा है कि वे उत्तराखंड क्यों आए हैं, क्या छुट्टियां मनाने आए हैं? इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने पूरी दुनिया का भ्रमण किया है, पूरे हिंदुस्तान का दौरा किया है। मैं यहां पर्यटन के लिए नहीं आया हूं। मैं अपने लोगों के लिए आया हूं, अपनी जनता के लिए आया हूं, छात्रों के अधिकारों के लिए आया हूं, कांग्रेस पार्टी को जीवंत रखने के लिए आया हूं और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए आया हूं।” उनके इस बयान पर वहां मौजूद भीड़ ने तालियां बजाकर स्वागत किया। जानकारों का मानना है कि खड़गे के इस अंदाज से स्पष्ट है कि कांग्रेस उत्तराखंड में अब फ्रंट फुट पर खेलते हुए चुनावी रणनीति बनाने के मूड में है।

अटल-आडवाणी का उल्लेख कर सिखाई राजनीतिक मर्यादा

अपने संबोधन में खड़गे ने केवल आक्रामक राजनीति नहीं की, बल्कि देश की राजनीतिक संस्कृति पर भी चर्चा की। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की परंपरा वरिष्ठ नेताओं और विपक्ष के सम्मान की रही है। उन्होंने स्मरण कराया कि जब अटल जी और आडवाणी जी विपक्ष में रहते हुए कर्नाटक जाते थे, तो कांग्रेस के नेता न केवल उनका स्वागत करते थे, बल्कि उनके ठहरने और भोजन की सम्मानजनक व्यवस्था भी करते थे। खड़गे ने कहा कि वैचारिक व राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, किंतु सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ व बुजुर्ग नेताओं का आदर करना हमारी संस्कृति का अंग है।

बूथ स्तर पर संगठन सशक्त करने का आह्वान

भाषण के अंतिम भाग में कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि केवल मंचों से भाषण देने से परिवर्तन नहीं होगा, इसके लिए जमीनी स्तर पर उतरकर कार्य करना होगा। खड़गे ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर बेरोजगारी, महंगाई और छात्रों की समस्याओं जैसे जनमुद्दों पर सड़क पर उतरने का निर्देश दिया। स्थानीय नेताओं के अनुसार यह दौरा महज औपचारिक नहीं था, बल्कि इसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय करने का काम किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों का पर्दाफाश करने को कहा।

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