देहरादून। उत्तराखंड के लाखों बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए शनिवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। राज्य सरकार ने जुलाई 2026 की पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैंप कार्यालय से एक क्लिक के माध्यम से कुल 146 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजी। इस निर्णय से प्रदेश के 9 लाख 87 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिला है।
दरअसल, राज्य के पेंशनभोगी लंबे समय से जुलाई माह की किस्त की प्रतीक्षा कर रहे थे। सरकार की इस पहल से अब लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल गया है। अधिकारियों के अनुसार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक उसका हक बिना किसी बाधा के शीघ्र पहुंच सके।
बुजुर्गों और विधवा बहनों को मिला बड़ा सहारा
इस बार समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक लाभ वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत दिया गया है। प्रदेश के 6,15,628 बुजुर्गों के खातों में 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 92.34 करोड़ रुपये भेजे गए। वहीं, पति के निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही 2,36,983 विधवा बहनों को भी 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 35.54 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा कि समाज का कमजोर और वंचित वर्ग कोई अलग नहीं, बल्कि सरकार के परिवार का ही अंग है। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि किसी भी बुजुर्ग माता-पिता, विधवा बहन या दिव्यांग भाई को अपनी पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। हर पात्र नागरिक को उसका अधिकार सम्मानपूर्वक और समय पर मिलना ही हमारी प्राथमिकता है।”
जानिए किस योजना में कितनी राशि भेजी गई
राज्य सरकार ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत अलग-अलग वर्गों को यह बजट आवंटित किया है। आंकड़ों के अनुसार 89,128 दिव्यांग लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 13.36 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके अतिरिक्त राज्य के 27,288 किसानों को 1,200 रुपये की दर से 3.2 करोड़ रुपये की किसान पेंशन दी गई है। परित्यक्ता महिलाओं को संबल देने हेतु 8,284 लाभार्थियों के खातों में 1,200 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से करीब 99.40 लाख रुपये भेजे गए। विशेष अनुदान और पेंशन की बात करें तो भरण-पोषण योजना के 7,383 लाभार्थियों को 51.68 लाख रुपये, तीलू रौतेली पेंशन योजना के 2,196 लाभार्थियों को 26.35 लाख रुपये और बौना पेंशन योजना के 127 लाभार्थियों को 1.52 लाख रुपये वितरित किए गए हैं।
नई SNA स्पर्श प्रणाली से पारदर्शी हुआ भुगतान
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने जानकारी देते हुए बताया कि इस माह जिन कुल 9,87,017 पेंशनरों को धनराशि भेजी गई है, उनमें केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के लगभग 2.15 लाख पेंशनभोगी भी सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि अब केंद्र और राज्य की समन्वित योजनाओं का भुगतान ‘SNA स्पर्श’ नामक नई और आधुनिक डिजिटल प्रणाली से किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो गई है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का मार्ग समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण से होकर ही गुजरता है। कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग के सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, जनजाति कल्याण निदेशक संजय टोलिया, अपर सचिव सुंदरलाल सेमवाल और निदेशक संजय कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









