देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देहरादून जिले के लिए 5 और 6 अगस्त को मूसलाधार से अति भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम के गंभीर रुख को देखते हुए पूरे जिले में ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संभावित आपदा से निपटने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्वयं कमान संभालते हुए जिला प्रशासन व संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर दी गई हैं।
ट्रैकिंग पर रोक, पर्यटकों की आवाजाही रद्द
ऑरेंज अलर्ट अवधि में पर्वतीय क्षेत्रों में सभी प्रकार की ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन की अनुमति भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने दुर्घटना की आशंका घटाने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
अधिकारी 24 घंटे हाई अलर्ट पर
आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े सभी नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को चौबीस घंटे हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। आपदा की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू करना होगा। सभी विभागों को आपसी समन्वय से सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और एनएचएआई को अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने को कहा गया है। बारिश से कोई मार्ग बंद हो तो उसे तुरंत खुलवाया जाए। संवेदनशील मार्गों पर भारी मशीनरी व कर्मचारी पहले से तैनात किए जा रहे हैं। नगर निकायों को नालियों व कल्वर्टों की सफाई कर जलभराव रोकने की जिम्मेदारी दी गई है ताकि यातायात बाधित न हो।
मैदानी अमले से लेकर थानों तक चौकसी
जिले के सभी राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहकर निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बिना पूर्व अनुमति कोई अधिकारी क्षेत्र नहीं छोड़ेगा। सभी थानों-चौकियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है और पुलिस बल को आपदा उपकरणों व वायरलेस संचार प्रणाली के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
राहत सामग्री तैयार, हेल्पलाइन नंबर जारी
सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को मोबाइल फोन हर समय चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड ड्यूटी वाले कर्मी वाहनों में बरसाती, टॉर्च, हेलमेट व आवश्यक उपकरण साथ रखेंगे। फंसे लोगों तक भोजन, स्वच्छ जल और चिकित्सा सुविधा प्राथमिकता से पहुंचाई जाएगी।
लगातार बारिश के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विद्यालयों को सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से मौसम चेतावनियों का पालन करने और बिना आवश्यक कार्य घर से बाहर न निकलने की अपील की है। उफनते जलस्रोतों व बरसाती नदियों के निकट जाने से मनाही है। आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष 7534820006, 0135-2720000, 0135-2620006 और टोल-फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।









