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नंदा की चौकी में 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ क्षतिग्रस्त मार्ग, धामी सरकार की तत्परता की सराहना

On: July 28, 2026 9:00 PM
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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। इसी बीच मंगलवार तड़के देहरादून के नंदा की चौकी के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब बारिश के तेज बहाव में पुल की एप्रोच रोड अचानक धंस गई। हालांकि सरकार और प्रशासन ने जिस रफ्तार से इस संकट से निपटारा पाया, उसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। सुबह रास्ता ठप हुआ और शाम ढलते-ढलते महज 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर यातायात दोबारा चालू कर दिया गया।

सीएम के निर्देश पर युद्धस्तर पर चला मरम्मत कार्य

दरअसल मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे जैसे ही पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की खबर आई, वैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तुरंत एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने बिना वक्त गंवाए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और युद्धस्तर पर काम शुरू करने के कड़े निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों ने पूरे तालमेल के साथ राहत अभियान चलाया। भारी मशीनों और दर्जनों मजदूरों को काम पर लगाया गया। नतीजा यह रहा कि दिन ढलने से पहले ही मार्ग को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार रास्ता खुलने से सबसे बड़ी राहत उन मरीजों और उनके परिजनों को मिली, जिन्हें इलाज के लिए शहर जाना था। मार्ग बहाल होते ही एक एम्बुलेंस बिना किसी बाधा के मरीज को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हो सकी। जरूरी सेवाओं का संचालन फिर से पटरी पर आ गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

अधिकारियों और ठेकेदार से मांगा स्पष्टीकरण

सरकार ने सिर्फ सड़क बनाने पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि आपदा और जनहित के कामों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया जा रहा है कि पुल और एप्रोच रोड के निर्माण से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया है। अगर जांच में घटिया निर्माण या मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। सीएम ने अफसरों को ताकीद की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता तकनीकी इंतजाम किए जाएं।

प्रशासनिक तत्परता की हो रही सराहना

देहरादून के नंदा की चौकी में जिस तरह 12 घंटे के भीतर एप्रोच रोड को दुरुस्त किया गया, उससे स्थानीय नागरिकों में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर काफी सकारात्मक संदेश गया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम न उठाए जाते तो घंटों लंबा जाम लगता और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती। धामी सरकार ने यह साबित किया है कि संकट के समय में जनता की सुरक्षा और उनकी सहूलियत ही सबसे पहली प्राथमिकता है।

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