काशीपुर। उत्तराखंड के काशीपुर में ‘टिम्ब्ल’ (Timbl) ब्रॉडबैंड के ग्राहकों के सब्र का बांध अब पूरी तरह से टूट चुका है। कंपनी ने दावा किया था कि 6 मई तक हर हाल में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी, लेकिन आज 7 मई हो चुकी है और राउटर्स की बत्ती अब भी लाल ही है। पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से शहर के कई इलाकों में टिम्ब्ल का नेटवर्क पूरी तरह से ठप पड़ा है। सबसे ज्यादा हैरानी और गुस्से की बात यह है कि संकट की इस घड़ी में कंपनी का कस्टमर केयर पूरी तरह से ‘लापता’ है और जिम्मेदार अधिकारी ग्राहकों के फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
कंपनी के झूठे आश्वासनों और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से तंग आकर अब ग्राहकों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। बताया जा रहा है कि भारी संख्या में लोगों ने अब कंज्यूमर हेल्पलाइन (Consumer Helpline) पर टिम्ब्ल के खिलाफ आधिकारिक शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
वादों की खुली पोल, अधिकारियों ने साधी चुप्पी
दरअसल, इससे पहले जब मामले ने तूल पकड़ा था, तब उधम सिंह नगर के टीम लीडर विशेष ने आश्वस्त किया था कि 5 या अधिकतम 6 मई तक कनेक्शन सुचारु हो जाएंगे। ग्राहकों को भी लगा था कि शायद वीकेंड के बाद उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आज 7 मई की सुबह भी जब लोगों को इंटरनेट नहीं मिला और उन्होंने अपडेट जानने के लिए कंपनी के अधिकारियों को कॉल किया, तो किसी ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। स्थानीय लोगों के अनुसार, कंपनी का यह रवैया बेहद निराशाजनक है। फोन न उठाना और ग्राहकों को उनके हाल पर छोड़ देना स्पष्ट रूप से सेवा में भारी कोताही (Deficiency in Service) को दर्शाता है।
कंज्यूमर हेल्पलाइन में शिकायतों का लगा अंबार
हफ्ते भर से ज्यादा समय तक बिना इंटरनेट के रहने और ऊपर से कंपनी के इस ‘लापरवाह’ रवैये ने लोगों के गुस्से में घी डालने का काम किया है। एडवांस बिल चुकाने वाले ग्राहक अब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भड़ास निकालने के बाद अब कई ग्राहकों ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) का रुख किया है। ग्राहकों का साफ कहना है कि जब उन्होंने सर्विस के लिए पैसे दिए हैं, तो इस तरह की मानसिक प्रताड़ना क्यों झेलें? उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराकर लोग अब न सिर्फ अपनी बकाया राशि वापस मांग रहे हैं, बल्कि इस मानसिक परेशानी के लिए हर्जाने की भी मांग कर रहे हैं।
वर्क फ्रॉम होम और कारोबारियों का हुआ बंटाधार
असल में, आज के समय में इंटरनेट कोई विलासिता नहीं, बल्कि रोजी-रोटी और पढ़ाई का अहम जरिया बन चुका है। काशीपुर में वर्क फ्रॉम होम कर रहे सैकड़ों आईटी प्रोफेशनल्स और फ्रीलांसर्स का काम पिछले एक हफ्ते से ठप पड़ा है। मोबाइल डेटा के सहारे बड़े प्रोजेक्ट्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करना नामुमकिन सा हो गया है। इसके अलावा, ऑनलाइन पेमेंट और बिलिंग पर निर्भर स्थानीय कारोबारियों का भी भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, ऑनलाइन क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का भविष्य भी टिम्ब्ल की इस लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है।
फिलहाल, काशीपुर में टिम्ब्ल ब्रॉडबैंड की सर्विस कब चालू होगी, इस पर अब भी गहरा सस्पेंस बरकरार है। कंपनी की इस भारी लापरवाही ने उसकी साख पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि कंज्यूमर हेल्पलाइन में शिकायतों का दबाव बढ़ने के बाद क्या टिम्ब्ल का प्रबंधन नींद से जागता है, या फिर काशीपुर के ग्राहकों को मजबूरन अपना सर्विस प्रोवाइडर बदलना पड़ेगा।
