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उत्तराखंड में कुदरत का कहर! 12 जिलों में फ्लैश फ्लड का भयंकर खतरा, अगले 3 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी

By: Sansar Live Team

On: Tuesday, August 11, 2026 6:19 AM

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उत्तराखंड में मानसून इस समय अपने सबसे खतरनाक और उग्र रूप में है। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने राज्य के लिए बेहद डरावनी चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ घंटे और आगामी 24 घंटे बेहद भारी बताए हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन घंटों के भीतर ताबड़तोड़ बारिश होने की पूरी संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों में अचानक बाढ़ यानी ‘फ्लैश फ्लड’ (Flash Flood) का बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

इन 12 जिलों में मंडराया अचानक बाढ़ का सबसे बड़ा खतरा

मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल से मिली जानकारी के अनुसार, आज 11 अगस्त की शाम 5:30 बजे तक प्रदेश के कई जलग्रहण क्षेत्रों और उसके आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम लगातार बना रहेगा। जिन 12 जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल शामिल हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ों की मिट्टी में नमी बढ़ने की वजह से निचले इलाकों में पानी का तेज बहाव और खतरनाक जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

अगले 3 घंटे इन इलाकों में बरसेंगे बदरा, चार धाम यात्रियों की बढ़ी धड़कनें

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन घंटों के दौरान केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, सोनप्रयाग, ऊखीमठ, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, थराली, कपकोट, धारचूला और मुनस्यारी के आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके अलावा चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के कुछ अन्य हिस्सों में भी काले बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम के इस तल्ख तेवर को देखते हुए चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

चमोली में फटा बादल, बहा पुल और एक युवक लापता

बारिश के इस तांडव के बीच चमोली जिले की नीति घाटी से एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। सोमवार शाम को यहां अचानक बादल फटने की घटना घटी, जिसके बाद स्थानीय तमक नाला उफनते हुए विकराल रूप में आ गया। इस तेज बहाव में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) का एक महत्वपूर्ण पुल ताश के पत्तों की तरह बह गया। इस हादसे में एक युवक के लापता होने की भी दुखद सूचना मिली है। दूसरी ओर, उफनती अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले और वहां आने-जाने वाले सभी लोगों को सख्त चेतावनी जारी की है।

शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, लोगों से की गई खास अपील

कुदरत के इस भयंकर रोष को देखते हुए उत्तराखंड का पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से लगातार स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है और सभी जिला केंद्रों के साथ तालमेल बैठाया जा रहा है। प्रशासन ने आम जनता, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है कि खराब मौसम के दौरान किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा करने से बचें और भूलकर भी उफनते नदी-नालों के आसपास न जाएं। पहाड़ी इलाकों में इस तरह की भारी बारिश के दौरान लैंडस्लाइड (भूस्खलन), सड़कों के ब्लॉक होने और नदियों का जलस्तर रातों-रात बढ़ने का खतरा बना रहता है, इसलिए सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी है।

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