देहरादून: उत्तराखंड (Devbhoomi Uttarakhand) में सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज पढ़ने के साथ-साथ सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर राज्य सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को दोटूक शब्दों में कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं. सीएम धामी ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी धार्मिक गतिविधि केवल मस्जिद, ईदगाह या सरकार द्वारा तय किए गए चिन्हित स्थानों पर ही होनी चाहिए. आम जनता की आवाजाही को रोककर, सड़कों को बंधक बनाने वाले लोगों से अब प्रशासन पूरी सख्ती के साथ निपटेगा.
सड़क पर अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून में अपने कैंप कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में हाल ही में हुए नमाज विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के स्पष्ट किया कि सड़क पर बैठकर आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करना और इलाके में अराजकता का माहौल फैलाना उनकी सरकार को किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून और नियम तोड़ने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन को तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी गई है.
विपक्ष पर साधा निशाना, तुष्टिकरण की राजनीति का लगाया आरोप
इस संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए सीएम धामी ने विपक्षी नेताओं के बयानों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता देवभूमि की शांत वादियों में तुष्टिकरण की गंदी राजनीति को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं. विपक्ष द्वारा सड़क पर धार्मिक आयोजनों की पैरवी किए जाने को उन्होंने पूरी तरह से गलत ठहराया. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि इस मामले में उनकी सरकार की नीति एकदम स्पष्ट, साफ और बेहद सख्त है, जिसमें किसी भी तरह का ढुलमुल रवैया नहीं अपनाया जाएगा.
चारधाम यात्रा के बीच शांति और सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के मौजूदा हालातों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि इस समय पूरे प्रदेश में पवित्र चारधाम यात्रा चल रही है. देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे हैं. ऐसे महत्वपूर्ण समय में पूरे राज्य का माहौल शांत, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखना शासन और प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि देवभूमि की अनमोल संस्कृति और यहां की मर्यादा के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की इजाजत कतई नहीं दी जा सकती.
देहरादून में एक्शन में आया बुलडोजर, कई अवैध कब्जे किए गए ध्वस्त
सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने की सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब देहरादून नगर निगम ने भी जमीनी स्तर पर बड़ा मोर्चा खोल दिया है. इसी कड़ी में शुक्रवार को राजधानी के कई अलग-अलग इलाकों में नगर निगम की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया.
शहर के धोरण खास इलाके के खसरा संख्या 463 में नगर निगम की कीमती जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से लगाए गए बोर्ड, बाउंड्री वॉल और की जा रही प्लाटिंग को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया. निगम के आला अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह बेशकीमती भूमि अब पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में और अतिक्रमण मुक्त है. इसके अलावा कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हरभजवाला क्षेत्र में नगर निगम के मालिकाना हक वाली जमीन पर रातों-रात बनाई गई एक अवैध सड़क को भी बुलडोजर चलाकर पूरी तरह तोड़ दिया गया.
भूमाफियाओं पर कड़ा पहरा, सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने की मुहिम तेज
नगर निगम का यह पीला पंजा यहीं नहीं रुका, बल्कि रायपुर तपोवन रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया. वहीं दूसरी ओर, एटीएस कॉलोनी में स्थित सरकारी जमीन को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए तुरंत बाउंड्री वॉल बनाने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में भूमाफिया इस जमीन पर दोबारा कब्जा करने की जुर्रत न कर सकें. निगम प्रशासन ने अब पूरी तरह साफ कर दिया है कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण सीधे तौर पर एक गंभीर अपराध माना जाएगा और इसमें संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.
