उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में नवचयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इन नवनियुक्त कार्मिकों में 88 पशुधन प्रसार अधिकारी और 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं, जो अब राज्य के विकास में अपनी सेवाएं देंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मातृशक्ति पर विशेष फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पशुपालन और गन्ना विकास विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, मातृशक्ति के सशक्तिकरण और पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाने का मुख्य आधार हैं। उन्होंने कहा कि इन विभागों में नए अधिकारियों के आने से योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक तेजी आएगी।
पशुपालकों के लिए चल रहीं कई कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसके लिए राज्य में ‘मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना’, ‘मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना’ और ‘राज्य पशुधन मिशन’ जैसी कई प्रभावी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को अनुदान पर नई इकाइयां और उनके पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गन्ना किसानों को मिल रहा सीधा फायदा
गन्ना विकास के क्षेत्र में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य में गन्ना सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करके पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है। इसके अलावा किसानों की सहूलियत के लिए ‘गन्ना क्लीनिक’ की भी शुरुआत की गई है। उन्होंने गर्व से बताया कि उत्तराखंड में गन्ना किसानों को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मुकाबले 5 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
नवनियुक्त कर्मचारियों को दिया सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए उनसे ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूल मंत्र को अपने कार्य व्यवहार में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाना चाहिए।
इस खास अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, खजानदास और राज्यसभा सांसद नरेश बंसल समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी मौजूद रहे।
