---Advertisement---

CM धामी का बड़ा बयान: ‘शिक्षक ही बनाता है पूरे देश का भविष्य’, छात्रों को दिया सफलता का महामंत्र

By: Sansar Live Team

On: Wednesday, September 9, 2026 3:09 PM

Google News
Follow Us

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कुसुम कांता फाउंडेशन और मंथन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम’ में सीएम धामी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और होनहार मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी शिक्षकों और छात्रवृत्ति पाने वाले बच्चों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

प्रतिभाओं को पहचान देने और सपनों को उड़ान देने की अनूठी पहल

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान गंगा सम्मान समारोह केवल पुरस्कार और छात्रवृत्ति बांटने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छुपी हुई प्रतिभाओं को पहचान देने, शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का एक बेहद सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई में मदद करना सिर्फ उसकी वित्तीय सहायता करना भर नहीं है, बल्कि उसके सपनों को साकार करने में साझेदार बनना है।

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय कुसुम कांता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संगीत, साहित्य और शिक्षा के प्रति उनका जीवन भर का समर्पण बेहद प्रेरणादायी रहा है। उनके जीवन-मूल्यों और सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए कुसुम कांता फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बहुत ही शानदार काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के कार्यों के लिए मंथन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रयासों की भी जमकर सराहना की।

शिक्षक देता है आत्मविश्वास और संस्कार

गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा सर्वोच्च दर्जा दिया गया है। एक शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बांटता, बल्कि वह छात्र को सही दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और अच्छे संस्कार देता है। शिक्षक बच्चे के भीतर की प्रतिभा को पहचानकर उसे जिंदगी में आगे बढ़ने की सच्ची प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि क्लास में पढ़ा रहा शिक्षक केवल एक विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का निर्माण कर रहा होता है। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे संस्कार और जीवन-मूल्य दें, जो उन्हें एक बेहतरीन इंसान और जिम्मेदार नागरिक बना सकें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से बदल रही देश की शिक्षा व्यवस्था

शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए देश की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड भी इस नई शिक्षा नीति को लागू करने वाले देश के शुरुआती अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में पढ़ाई का स्तर सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विशेष जोर दे रही है।

माता-पिता और शिक्षकों की साझी जिम्मेदारी

अभिभावकों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को केवल सुख-सुविधाएं देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें अपना समय, अच्छे संस्कार और अनुशासन देना भी जरूरी है। हर परिस्थिति में बच्चों का सकारात्मक मार्गदर्शन करना चाहिए। किसी भी बच्चे का बेहतर भविष्य केवल अच्छी पढ़ाई से तय नहीं होता, इसके लिए स्कूल और परिवार दोनों को एक साथ मिलकर चलना पड़ता है। आने वाली नई पीढ़ी के निर्माण में माता-पिता और शिक्षकों दोनों की भूमिका बराबर की है।

विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादे के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर अपने लक्ष्य की तरफ लगातार बढ़ते रहना चाहिए। मुश्किल रास्ते ही अक्सर बड़ी मंजिलों तक ले जाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी मौके और हर संभव मदद देने के लिए उत्तराखंड सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि वे भविष्य में चाहे शिक्षक, वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी, कारोबारी, प्रशासनिक अधिकारी बनें या किसी भी अन्य क्षेत्र को चुनें—सबसे पहले वे एक अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के युवा अपनी ज्ञान, प्रतिभा, मेहनत और संस्कारों के दम पर उत्तराखंड और पूरे भारत के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान देंगे।

डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया स्व. कुसुम कांता का स्मरण

पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय कुसुम कांता को याद करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा, साहित्य, संगीत और समाज सेवा से गहरा लगाव था। एक शिक्षिका के रूप में उन्होंने हमेशा शिक्षा और संस्कारों को सबसे ऊपर रखा। उनके जीवन-मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा और समाज हित में काम करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

डॉ. निशंक ने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के पूरे व्यक्तित्व और राष्ट्र के भविष्य का आधार है। शिक्षक छात्रों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, आत्मविश्वास और कर्तव्यबोध जगाने का काम करते हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति पाने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के हित में करने की बात कही।

समारोह में ये गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस भव्य आयोजन के दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रो. सुधारानी पाण्डेय, कुसुम कांता फाउंडेशन की संस्थापक विदुषी निशंक, आर्यन देव उनियाल समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Leave a Comment