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देवभूमि में गूंजा मां भगवती का जयकारा! CM धामी ने टेका मत्था, बताया कैसे केदारनाथ से अयोध्या तक बदल रहा है देश

By: Sansar Live Team

On: Monday, May 4, 2026 6:35 AM

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Uttarakhand News: देहरादून के सेलाकुई में आज भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य ‘मां भगवती जागरण’ में हिस्सा लिया। इस दौरान सीएम ने पूरी विधि-विधान से मां भगवती की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-शांति व समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान और सनातन परंपराओं को बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल और अयोध्या का जिक्र

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद से देश में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का एक नया दौर शुरू हुआ है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मंदिर नहीं है, बल्कि सदियों के इंतजार के बाद भारत की आस्था और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का पल है। आज काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से लेकर महाकाल लोक तक, भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिल रही है।

केदारनाथ का कायाकल्प और चारधाम यात्रा का रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने साल 2013 की भीषण आपदा को याद करते हुए बताया कि कैसे पीएम मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ। आज केदारपुरी अपने दिव्य और भव्य स्वरूप में पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। उन्होंने एक बड़ा आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की यह भीड़ उत्तराखंड के प्रति अटूट विश्वास का प्रमाण है।

शीतकालीन यात्रा और सीमांत क्षेत्रों का विकास

उत्तराखंड सरकार ने इस साल से एक नई पहल शुरू की है— ‘शीतकालीन यात्रा’। सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री के समर्थन से शुरू हुई इस पहल का मकसद है कि राज्य के धार्मिक स्थलों पर साल के 12 महीने रौनक रहे। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। साथ ही, पीएम की आदि कैलाश यात्रा के बाद वहां पर्यटकों की संख्या में जो उछाल आया है, उसने सीमांत क्षेत्रों को एक नई पहचान दी है।

विकास और विरासत का ‘विकल्प रहित संकल्प’

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास के साथ-साथ राज्य की विरासत को भी सहेज कर रखा जाए। आधारभूत ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के साथ ही धार्मिक स्थलों का संरक्षण प्राथमिकता है। अंत में उन्होंने जागरण आयोजन समिति की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। इस मौके पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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