काशीपुर। उत्तराखंड के काशीपुर में प्राइवेट ब्रॉडबैंड कंपनी ‘टिम्बल’ (timbl) के उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगा है। काफी समय से खराब इंटरनेट स्पीड और बार-बार कनेक्टिविटी टूटने की समस्या से जूझ रहे ग्राहकों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के पूरे शहर में अपनी सेवाएं पूरी तरह ठप कर दीं। इस अचानक हुई तालाबंदी से न सिर्फ लोगों का कामकाज ठप हो गया है, बल्कि उनके रिचार्ज के पैसे भी फंस गए हैं।
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि कंपनी का कस्टमर केयर नंबर भी अब पूरी तरह बंद आ रहा है। जब परेशान उपभोक्ताओं ने स्थानीय स्तर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो वहां भी सन्नाटा पसरा मिला। लोग अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और समझ नहीं पा रहे कि शिकायत कहां दर्ज कराएं।
अधिकारियों ने काट दिए फोन, साधी चुप्पी
दरअसल, सेवा बंद होने के बाद जब कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा। कंपनी के अधिकारी मनीष (9818667829) और विवेक सिंह (9312089163) के मोबाइल नंबरों पर जब कॉल की गई, तो दोनों ने ही फोन काट दिए। लगातार बजती घंटी के बाद कॉल डिस्कनेक्ट कर दी गई। इसके बाद उन्हें बकायदा मैसेज भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। अधिकारियों की यह रहस्यमयी चुप्पी इशारा कर रही है कि कंपनी शायद अब शहर से अपना बोरिया-बिस्तर समेट चुकी है।
वर्क फ्रॉम होम वाले और कारोबारी बेहाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, काशीपुर में timbl Broadband के हजारों उपभोक्ता हैं। इनमें बड़ी संख्या उन युवाओं की है जो घर से ही दिल्ली, नोएडा या बेंगलुरु की कंपनियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ करते हैं। इंटरनेट अचानक बंद होने से कई लोगों की नौकरी पर संकट आ गया है। इसके अलावा ऑनलाइन व्यापार करने वाले, डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले दुकानदार और पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। एक स्थानीय उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक साल का एडवांस पेमेंट देकर कनेक्शन रिन्यू कराया था, लेकिन अब कंपनी का कहीं अता-पता नहीं है।
कैसे वापस मिलेंगे पैसे? जनता परेशान
बताया जा रहा है कि कंपनी के इस तरह अचानक गायब हो जाने से कानूनी पेचीदगियां भी बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह सीधे तौर पर धोखाधड़ी का मामला है। एडवांस पैसे लेने के बावजूद बिना सर्विस दिए भाग जाना उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। अब लोग उपभोक्ता फोरम (कंज्यूमर कोर्ट) जाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि कंपनी पर शिकंजा कसा जा सके और उनके डूबे हुए पैसे वापस मिल सकें। बहरहाल, कंपनी के इस कदम से पूरे काशीपुर के डिजिटल नेटवर्क में खलबली मची हुई है।
