गोपेश्वर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले को विकास योजनाओं की बड़ी सौगात दी है। बुधवार को गोपेश्वर के पुलिस मैदान में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने ₹155 करोड़ से अधिक की लागत वाली 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम धामी ने जनता को संबोधित करते हुए साफ कहा कि उनकी सरकार का मुख्य ध्येय लोगों को दफ्तरों के चक्कर कटवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का तुरंत निपटारा करना है।
दरअसल, इस अभियान के जरिए धामी सरकार शासन और जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश में जुटी है। मुख्यमंत्री ने मंच से यह भी ऐलान किया कि इस जन-जागरूकता और समाधान अभियान के पहले चरण में ही पूरे उत्तराखंड से 6 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया है। बड़ी बात यह है कि इसमें से 60 हजार से अधिक नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। सरकार के पांच साल पूरे होने के मौके पर सीएम ने अपनी जवाबदेही तय करते हुए कहा कि प्रशासन अब जनता के प्रति पूरी तरह समर्पित है।
चमोली में 25 हजार महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
चमोली जिले में हो रहे महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्व से आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि जनपद की 42 हजार से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा जा चुका है। इनमें से 25 हजार से अधिक महिलाएं आज ‘लखपति दीदी’ बनकर समाज और अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दे रही हैं। यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि पहाड़ों में अब रोजगार और स्वावलंबन की नई बयार बह रही है। स्थानीय स्तर पर आजीविका को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल होमस्टे योजना के तहत जिले में 872 नए होमस्टे तैयार किए गए हैं, जो न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि युवाओं को अपने घर पर ही रोजगार दे रहे हैं।
रिवर्स पलायन और बदलती आर्थिकी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने राज्य की मजबूत होती आर्थिकी का खाका खींचते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संकल्प कि ’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’, अब धरातल पर सच होता दिख रहा है। उत्तराखंड में निवेश के मोर्चे पर ऐतिहासिक काम हुआ है। राज्य में कुल 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते (MoU) हुए थे, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम धरातल पर शुरू भी हो चुका है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि राज्य का जीएसटी कलेक्शन और प्रति व्यक्ति आय तेजी से बढ़ी है। असल में, इसका सबसे सुखद परिणाम ‘रिवर्स पलायन’ के रूप में दिख रहा है, जहां पहाड़ का युवा अब शहरों को छोड़ वापस अपने गांवों की तरफ लौट रहा है और स्टार्टअप व पर्यटन के क्षेत्र में हाथ आजमा रहा है।
बदरीनाथ मंदिर चोरी मामले पर सख्त रुख
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मंदिर में हुई चोरी के संवेदनशील मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बदरीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण बेहद गंभीर मामला है और सरकार इस पर किसी भी तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी। सीएम धामी ने कहा, “दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” इसके साथ ही उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और सीमांत क्षेत्रों के मास्टर प्लान पर भी बात की और बताया कि कैसे हेली एम्बुलेंस सेवा के जरिए साल 2024 से अब तक चमोली के 76 गंभीर मरीजों की जान बचाई जा चुकी है।
अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के स्थानीय लोगों से अपील की कि वे सरकार द्वारा लगाए जा रहे इन जन-कल्याणकारी शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही धामी सरकार का असली राजधर्म है।
