देहरादून। फिल्म समीक्षकों के कयासों और बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से अलग, किसी फिल्म की असली जीत तब मानी जाती है जब वो सीधे दर्शकों के दिलों में उतर जाए। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों कुछ ऐसा ही जादू देखने को मिल रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ (Baby Do Die Do) को लेकर दूनवासियों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। फिल्म रिलीज के पहले हफ्ते से ही शहर के सिनेमाघरों में लगातार हाउसफुल के बोर्ड लटके नजर आ रहे हैं। इस बंपर रिस्पॉन्स को देखकर फिल्म की स्टार कास्ट इतनी गदगद हुई कि वे खुद दर्शकों का शुक्रिया अदा करने जमीन पर उतर आए।
फिल्म ‘Baby Do Die Do Huma Qureshi’ स्टारर इस कॉमेडी-ड्रामा को लेकर शहर में जो माहौल बना है, उसने बॉलीवुड के कई दिग्गजों को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि सिनेमाघरों में उमड़ रही भारी भीड़ के चलते थिएटर्स मालिकों के चेहरे भी खिले हुए हैं। दर्शकों से मिले इसी अथाह प्रेम और सपोर्ट के बाद फिल्म की पूरी टीम बेहद भावुक नजर आई। यही वजह है कि उन्होंने सिर्फ सोशल मीडिया पर ‘थैंक यू’ कहने के बजाय सीधे ग्राउंड पर पहुंचकर अपने फैंस से रूबरू होने का फैसला किया।
Baby Do Die Do Huma Qureshi की स्टार कास्ट को भाया देहरादून का अंदाज
दरअसल, फिल्म की टीम इन दिनों एक खास ‘इंडिया दर्शन’ अभियान पर है, जिसके तहत वे देश के अलग-अलग शहरों में जाकर दर्शकों से सीधे मुलाकात कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को फिल्म की मुख्य अभिनेत्री हुमा कुरैशी, एक्टर रचित सिंह, मरुधर शेखावत, डायरेक्टर नचिकेत सामंत और प्रोड्यूसर साकिब सलीम अचानक देहरादून पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान हुमा कुरैशी अपने आंसू नहीं रोक पाईं और उन्होंने हाथ जोड़कर दून के लाखों प्रशंसकों का बार-बार शुक्रिया अदा किया। हुमा ने कहा कि देहरादून से जो प्यार हमें मिला है, उसने पूरी टीम को निशब्द कर दिया है। कलाकारों ने माना कि दर्शकों की ये तालियां और मुस्कान किसी भी फिल्म फेयर ट्रॉफी या पुरस्कार से कहीं ज्यादा बड़ी पूंजी हैं।
सिर्फ मनोरंजन नहीं, दिलों को जोड़ने वाली कहानी
असल में, फिल्म के मेकर्स और कलाकारों का मानना है कि सिनेमा सिर्फ तीन घंटे के मनोरंजन का जरिया नहीं है, बल्कि यह भावनाओं को जोड़ने का एक बेहद मजबूत माध्यम है। स्थानीय लोगों और फैंस से मुलाकात के दौरान प्रोड्यूसर साकिब सलीम और डायरेक्टर नचिकेत सामंत ने कहा कि देहरादून ने जिस गर्मजोशी और अपनत्व के साथ उनकी फिल्म को अपनाया है, वह बेहद खास है। कलाकारों के मुताबिक, जब दर्शक किसी कहानी को अपनी असल जिंदगी और जज्बातों से जोड़ लेते हैं, तो एक टीम की महीनों की मेहनत सफल हो जाती है। ‘बेबी डू डाई डू’ के हर दृश्य, हर किरदार और हर भावना को यहां के लोगों ने अपना समझा है।
हाउसफुल शो और दर्शकों की तालियों ने जीता दिल
स्थानीय सिनेमाघर प्रबंधकों के अनुसार, वीकेंड्स ही नहीं बल्कि वर्किंग डेज में भी फिल्म के शोज का फुल रहना यह साफ करता है कि माउथ पब्लिसिटी का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। थिएटर्स में गूंजती तालियां और सिनेमाहॉल से बाहर निकलते वक्त लोगों के चेहरे की खुशी ही इस फिल्म की सबसे बड़ी कामयाबी बनकर उभरी है। दूनवासियों का यह अनपेक्षित और निश्छल प्यार टीम के लिए एक नई ऊर्जा की तरह है, जो उन्हें भविष्य में भी इसी तरह की साफ-सुथरी और जज्बातों से भरी कहानियां पर्दे पर लाने के लिए प्रेरित करेगा।
देहरादून की इस खूबसूरत और यादगार यात्रा ने फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ के सफर को हमेशा-हमेशा के लिए अविस्मरणीय बना दिया है। सितारों की इस आमद और दर्शकों के इस बेइंतहा प्यार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो और भावनाएं सच्ची हों, तो उसे दर्शकों के दिलों तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।
