---Advertisement---

उत्तराखंड में हीटवेव का प्रकोप: झुलसाती गर्मी से उबल रहे 6 जिले, जानें कब मिलेगी राहत

By: Sansar Live Team

On: Monday, May 25, 2026 6:44 PM

Google News
Follow Us

उत्तराखंड में हीटवेव (Uttarakhand Heatwave) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और फिलहाल इस भीषण गर्मी से किसी भी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। देवभूमि कहे जाने वाले इस पहाड़ी राज्य में अमूमन मई के अंत में मौसम सुहावना रहता है, लेकिन इस बार मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक सूरज आग उगल रहा है। आलम यह है कि घर के बाहर कदम रखते ही लू के थपेड़े चेहरे को झुलसा रहे हैं और दिन के समय सड़कें लगभग सूनी पड़ने लगी हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन ने लोगों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत राज्य के 6 प्रमुख जिलों में अगले तीन दिनों तक (25 से 27 मई) हालात और मुश्किल होने वाले हैं। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने हीटवेव का बाकायदा अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन भी लगातार लोगों से दोपहर की चिलचिलाती धूप में बेवजह बाहर न निकलने की अपील कर रहा है।

उत्तराखंड हीटवेव अलर्ट: मैदानी इलाकों में सूरज के तीखे तेवर

असल में, राज्यभर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान इस समय सामान्य से कई डिग्री ऊपर चल रहा है। मैदानी शहरों का हाल सबसे ज्यादा बेहाल है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोमवार को हरिद्वार के रुड़की में पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो पूरे उत्तराखंड में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। इतनी तेज गर्मी ने न सिर्फ आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है, बल्कि ठंडे इलाकों की तलाश में आने वाले पर्यटकों को भी हैरान कर दिया है।

दूसरी ओर, पर्वतीय क्षेत्रों में भी तपिश साफ महसूस की जा रही है। पहाड़ों पर न्यूनतम तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में सबसे कम 15.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, लेकिन दिन के समय वहां भी लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ सालों के मुकाबले इस बार पहाड़ों की गर्मी ज्यादा चुभने वाली महसूस हो रही है।

इन जिलों में लू को लेकर मौसम विभाग की सख्त हिदायत

दरअसल, मौसम विभाग ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि 25, 26 और 27 मई को हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिलों के कई इलाकों में तेज लू चलने की पूरी आशंका है। यह समय उन लोगों के लिए विशेष तौर पर खतरनाक हो सकता है जो दिन के वक्त दोपहिया वाहनों से सफर करते हैं या फील्ड में काम करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग दोनों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलें। बाहर जाते समय शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें और पानी या तरल पदार्थों का सेवन लगातार करते रहें।

आखिर कब बदलेगा मौसम और मिलेगी राहत?

इस तपती और झुलसाती गर्मी के बीच एक राहत की खबर भी है। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान की मानें तो गर्मी का यह कड़ा दौर बहुत लंबे समय तक नहीं टिकने वाला। अगले 2 से 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में भले ही कोई खास बदलाव देखने को न मिले, लेकिन इसके ठीक बाद मौसम करवट लेगा। उम्मीद है कि तीन दिनों बाद पारे में अचानक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। यह गिरावट आम लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगी।

इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों से भी मौसम में हल्के बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पिछले 24 घंटों में उच्च हिमालयी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। जोशीमठ में 2.1 मिमी, चंपावत में 1.0 मिमी और केदारनाथ धाम में 0.1 मिमी की हल्की बूंदाबांदी हुई है। भले ही यह बारिश बहुत मामूली है, लेकिन यह इस बात का इशारा है कि जल्द ही मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों का मौसम भी करवट लेगा और लोगों को इस झुलसा देने वाली लू से स्थायी निजात मिल सकेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

window._taboola = window._taboola || []; _taboola.push({ cex: 'true' }); // User consented