उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर सीधे जनता की नब्ज टटोल रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को सीएम धामी अपने नैनीताल जिले के भ्रमण के दौरान हल्द्वानी पहुंचे। यहां उन्होंने काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आम जनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ लोगों की समस्याएं इत्मीनान से सुनीं, बल्कि कई गंभीर मामलों में अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट निस्तारण के सख्त निर्देश भी दे डाले।
दरअसल, राज्य सरकार इन दिनों जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर काफी गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में मौजूद तमाम अधिकारियों को साफ शब्दों में कह दिया कि जनता को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी फरियादी को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें। बताया जा रहा है कि सीएम के इस सख्त रुख से वहां मौजूद प्रशासनिक अमले में भी खासा हड़कंप देखा गया।
CM Dhami Haldwani Visit: पानी और बिजली के मुद्दे पर रहा सबसे ज्यादा फोकस
जैसे-जैसे प्रदेश में गर्मियां बढ़ रही हैं, पहाड़ से लेकर भाबर तक पानी की किल्लत एक बड़ा मुद्दा बन जाती है। हल्द्वानी के इस जनता दरबार में भी पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली कटौती से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से छाई रहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित चल रही है। इन शिकायतों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने पेयजल निगम के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एक्शन लेने को कहा।
उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए जहां भी जरूरत महसूस हो, वहां तुरंत पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, जो नलकूप या हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, उन्हें बिना किसी देरी के ठीक किया जाए ताकि आम आदमी को बूंद-बूंद के लिए न तरसना पड़े। वहीं, बिजली विभाग को भी हिदायत दी गई है कि निर्धारित रोस्टर के हिसाब से ही निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाए और अघोषित कटौती से हर हाल में बचा जाए।
बदहाल सड़कों पर लोक निर्माण विभाग को अल्टीमेटम
असल में, ग्रामीण इलाकों में सड़कों की खस्ताहाल स्थिति हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। सर्किट हाउस में कई जनप्रतिनिधियों ने भी खराब संपर्क मार्गों का मुद्दा सीएम के सामने उठाया। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को काम में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त रास्तों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त किया जाए। सीएम धामी ने मंच से ही यह स्पष्ट कर दिया कि जनहित के इन जरूरी कामों में अगर किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
सर्किट हाउस में उमड़ी भारी भीड़, कई दिग्गज रहे मौजूद
रविवार के दिन छुट्टी होने के बावजूद अपनी समस्याओं के समाधान की आस में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक सर्किट हाउस पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, नैनीताल से विधायक सरिता आर्या, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू और दिनेश आर्या जैसे कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इसके अलावा, कुमाऊं प्रशासन की तरफ से जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित तमाम विभागीय अधिकारी भी इस बैठक का हिस्सा बने। कुल मिलाकर, सीएम का यह दौरा जनता को सीधे राहत देने और नौकरशाही की पेंच कसने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
