उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार में रविवार (24 मई 2026) को नवनिर्मित श्री आनंद धर्मशाला का भव्य उद्घाटन करने पहुंचे। देवभूमि उत्तराखंड और विशेष तौर पर हरिद्वार, करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का मुख्य केंद्र है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आगामी 2027 के महाकुंभ की तैयारियां भी अब तेज हो गई हैं। लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सीएम धामी ने साफ कर दिया कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं देना और सनातन संस्कृति का मजबूती से संरक्षण करना है।
दरअसल, यह विशाल और आधुनिक धर्मशाला श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा बनवाई गई है। उद्घाटन के इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री ने हरिद्वार को भारतीय आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का प्रवेश द्वार बताया। उनका कहना था कि देश-दुनिया के कोने-कोने से जो भी श्रद्धालु मां गंगा के पावन तट पर आते हैं, उनके लिए ठहरने और मूलभूत सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बताया जा रहा है कि यह नई धर्मशाला आने वाले कुंभ मेले और चारधाम यात्रा के दौरान लाखों तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी।
क्षत्रिय कलौता समाज का सेवा भाव और राष्ट्र निर्माण
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत कई बड़े नेता और संत समाज के लोग मौजूद थे। सीएम धामी ने अपने संबोधन के दौरान क्षत्रिय कलौता समाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने मंच से कहा कि इस समाज ने अपनी मेहनत, अदम्य साहस और पारिवारिक संस्कारों के बलबूते हमेशा देश और समाज के नवनिर्माण में बेहद अहम भूमिका निभाई है।
खेती-किसानी का क्षेत्र हो, व्यापार हो, शिक्षा हो या फिर देश की सरहदों की सुरक्षा, इस समाज के युवा हर मोर्चे पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं। भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य सुरक्षा बलों में इस समाज के वीर सपूतों की भागीदारी का विशेष जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे निस्वार्थ सेवा और देशभक्ति का एक जीता-जागता उदाहरण बताया।
2027 कुंभ मेले की तैयारियां और पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार का विजन
असल में, देवभूमि की सरकार का इस वक्त पूरा फोकस साल 2027 में होने वाले भव्य हरिद्वार कुंभ पर टिका हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार को लेकर एक स्पष्ट विजन रखते हैं कि इस बार का कुंभ ना सिर्फ दिव्य और भव्य होगा, बल्कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से भी बेमिसाल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार अभी से ही गंगा घाटों के पुनरुद्धार, सड़कों के चौड़ीकरण, अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट और साफ-सफाई जैसी बुनियादी जरूरतों पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है ताकि हर एक श्रद्धालु यहां से एक सुखद अनुभव लेकर वापस लौटे।
सीएम ने इस बात पर खास जोर दिया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आज भारत की महान सनातन संस्कृति को पूरी दुनिया में एक नई और सशक्त पहचान मिली है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर हो, महाकाल लोक हो या फिर केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास, हर जगह एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक जागरण देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी ‘मानसखंड’ और ‘केदारखंड’ के पौराणिक मंदिरों को संवारने का काम तेजी से चल रहा है।
कानून-व्यवस्था और समान नागरिक संहिता (UCC) पर दो टूक संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने सिर्फ धर्म, कर्म और आस्था की ही बात नहीं की, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपना सख्त रुख साफ किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि देवभूमि में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को भी छूट नहीं है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि धार्मिक आयोजन पहले से तयशुदा जगहों पर ही होने चाहिए, जिससे सड़क पर चलने वाली आम जनता को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो।
इसके अलावा, उन्होंने उत्तराखंड में लागू किए गए समान नागरिक संहिता (UCC) को राज्य सरकार का एक युगांतरकारी कदम बताया। सीएम के मुताबिक, यह केवल एक कानूनी मसौदा नहीं है, बल्कि मातृशक्ति को उनका वास्तविक सम्मान देने और समाज में हर वर्ग के लिए समान अधिकार व न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह विश्वास जताया कि जिस तरह पतित पावनी मां गंगा करोड़ों लोगों को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, ठीक वैसे ही यह आनंद धर्मशाला भी भविष्य में असहायों, जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं के लिए सेवा का एक बहुत बड़ा केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर महामंडलेश्वर हरी चेतना नंद महाराज, मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्य आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिला, पूर्व विधायक विशाल पटेल, आनंद ट्रस्ट धर्मशाला के उपाध्यक्ष संतोष पटेल, महाकालिका ट्रस्ट इंदौर के अध्यक्ष आशाराम सिसोदिया, हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर और देहरादून एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल समेत प्रशासन के कई आला अधिकारी, ट्रस्टी और भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
