Dehradun News: उत्तराखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान राज्य की 36 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सीएम ने ऐलान किया है कि सरकार जल्द ही इन कार्यकर्ताओं का मानदेय (Honorarium) बढ़ाने जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए गंभीर है और इस वृद्धि का आधिकारिक आदेश बहुत जल्द जारी कर दिया जाएगा।
विपक्ष के तीखे सवाल और सीएम धामी का जवाब
सदन की कार्यवाही के दौरान माहौल तब गरमा गया जब विपक्षी दलों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और उनकी कार्यदशाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। बसपा विधायक शहजाद ने 14 मार्च की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि एक ओर तो महिला अधिकारों की बातें की जाती हैं और दूसरी ओर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज होता है।
मुख्यमंत्री ने इन आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी बहनों का मानदेय पहले भी इसी सरकार ने बढ़ाया था और भविष्य में भी इसे बढ़ाने का पक्का फैसला लिया जा चुका है। सीएम ने विपक्ष के आरोपों को केवल राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि सरकार अपनी बहनों के सम्मान और हक के लिए प्रतिबद्ध है।
सड़कों पर छिड़ी ‘आरक्षण’ की जंग
एक तरफ सदन के अंदर मानदेय पर चर्चा हो रही थी, तो दूसरी तरफ देहरादून की सड़कों पर महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा रहा। कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘आक्रोश मार्च’ निकाला। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मांग उठाई कि सरकार को अगले 2027 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कर देना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस के इस मार्च के जवाब में भाजपा ने भी ‘मशाल यात्रा’ निकाली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि परिवारवादी पार्टियों ने हमेशा से महिला सशक्तीकरण की राह में रुकावटें डाली हैं और अब वे सिर्फ राजनीति के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।
क्या है वर्तमान स्थिति और रिक्तियां?
उत्तराखंड राज्य में फिलहाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हजारों स्वीकृत पद हैं, जिन पर हजारों महिलाएं दिन-रात काम कर रही हैं। आपको बता दें कि मानदेय में पिछली बड़ी बढ़ोतरी नवंबर 2021 में की गई थी। अब लंबे इंतजार के बाद 36 हजार परिवारों के लिए एक बार फिर अच्छी खबर आई है, जिससे इन कर्मचारियों के बीच उत्साह का माहौल है।
