देहरादून: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा हाल ही में उत्तराखंड के देहरादून जिले में एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने भोपालपानी, बडासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए आयोजित एक विशेष वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया। सहसपुर स्थित क्रिसिल फाउंडेशन के वित्तीय साक्षरता केंद्र (CFL) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गवर्नर ने जमीन से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की।
पेंशन और बीमा योजनाओं पर दिया जोर
शिविर के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्तीय साक्षरता को आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें पैसों के सही प्रबंधन की जानकारी होना जरूरी है। गवर्नर ने ग्रामीणों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे भारत सरकार की विभिन्न पेंशन और बीमा संबंधी सामाजिक योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने समझाया कि वित्तीय जागरूकता ही दीर्घकालिक स्थिरता और समृद्धि का एकमात्र रास्ता है।
दूरदराज के इलाकों तक पहुँचने का लक्ष्य
आरबीआई गवर्नर ने सीएफएल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाज के उन वर्गों तक पहुंचने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएं जो अभी भी बैंकिंग सुविधाओं से दूर हैं। उन्होंने विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों के लोगों को शिक्षित करने पर जोर दिया ताकि हर नागरिक वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) का हिस्सा बन सके। उन्होंने शिविर में आए लोगों से अपील की कि वे यहाँ से सीखी गई बातों को अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ जरूर साझा करें।
गांव की महिलाओं के उत्पादों की हुई तारीफ
इस शिविर की खास बात यह रही कि गवर्नर ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं से सीधे बातचीत की। महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें गवर्नर ने काफी रुचि दिखाई और उनके हुनर की जमकर सराहना की। शिविर स्थल पर ही बैंकिंग सुविधाओं के लिए बिजनेस कोरेस्पोंडेंट्स (BC) मौजूद थे, जो बुनियादी सेवाएं दे रहे थे। इसके अलावा, पुराने नोटों और सिक्कों को बदलने के लिए भी काउंटर बनाए गए थे और लोगों की सुविधा के लिए एक मोबाइल एटीएम वैन भी खड़ी थी।
इस महत्वपूर्ण मौके पर आरबीआई देहरादून के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों सहित ब्लॉक विकास अधिकारी भी मौजूद रहे।
