Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर सबको हैरान कर दिया है। जहां मार्च के आखिरी दिनों में लोग चिलचिलाती धूप और गर्मी की दस्तक की उम्मीद कर रहे थे, वहीं पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। आलम यह है कि मार्च के महीने में दिसंबर वाली ठंड का अहसास होने लगा है। उत्तरकाशी से लेकर पिथौरागढ़ तक, ऊंची चोटियों पर कुदरत ने सफेद चादर बिछा दी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते अगले 24 घंटे राज्य के लिए काफी संवेदनशील बताए जा रहे हैं। देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात (Snowfall) की आशंका है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
केदारनाथ-बद्रीनाथ में जमी 3 फीट तक बर्फ, अगले 72 घंटे अलर्ट
पहाड़ों की रानी मसूरी हो या फिर बाबा केदार की नगरी, हर तरफ मौसम के बदले मिजाज का असर साफ दिख रहा है। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के ऊपरी हिस्सों में अब तक दो से तीन फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च को आंशिक राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन यह केवल ‘तूफान से पहले की शांति’ जैसी स्थिति है। असल में, 29 मार्च से मौसम एक बार फिर उग्र रूप अख्तियार करेगा।
बताया जा रहा है कि 29 से 31 मार्च के बीच प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक लोगों को डरा सकती है। मैदानी इलाकों में भी छिटपुट बौछारों के कारण तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोग फिर से गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर हो गए हैं।
इन जिलों के लिए जारी हुई विशेष चेतावनी (जिलावार पूर्वानुमान)
मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। नीचे दी गई तालिका से आप अपने क्षेत्र की स्थिति समझ सकते हैं:
| जिला | मुख्य पूर्वानुमान | अलर्ट का स्तर |
| उत्तरकाशी | भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना | येलो अलर्ट |
| चमोली | 3300 मीटर से ऊपर भारी हिमपात | येलो अलर्ट |
| रुद्रप्रयाग | हल्की से मध्यम बारिश और बादल | सतर्क रहें |
| देहरादून | गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं | सामान्य |
| पिथौरागढ़ | तीव्र बारिश और चोटियों पर बर्फबारी | येलो अलर्ट |
| नैनीताल | ओलावृष्टि और अचानक तापमान गिरना | सतर्क रहें |
| हरिद्वार | बादल छाए रहेंगे, छिटपुट बारिश संभव | सामान्य |
एवलांच का खतरा और किसानों की बढ़ी परेशानी
सिर्फ बारिश और बर्फ ही नहीं, बल्कि डिफेंस जियोइंफॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने ऊंचाई वाले इलाकों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी और चमोली के संवेदनशील इलाकों में हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अनावश्यक रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों या ट्रेकिंग रूट पर न जाएं।
सड़कों की स्थिति की बात करें तो बीआरओ (BRO) की टीमें मुस्तैदी के साथ बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं। हालांकि, लगातार हो रही बर्फबारी उनके काम में बड़ी बाधा बन रही है। दूसरी ओर, इस बदलते मौसम ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में होने वाली ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेषकर फलों के बागानों और तैयार हो रही फसलों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
कुल मिलाकर, 1 और 2 अप्रैल तक उत्तराखंड में ठंड का दौर जारी रहने वाला है। अप्रैल की शुरुआत इस बार ‘कूल’ नोट पर होगी, लेकिन यह सुकून से ज्यादा सावधानी बरतने का समय है। अगर आप देवभूमि की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो मौसम की ताजा अपडेट लेकर ही घर से निकलें।
