उत्तराखंड में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार नवंबर महीने में प्रदेशभर में तीन मेगा Uttarakhand Rozgar Mela आयोजित करने जा रही है। इन मेलों की सबसे खास बात यह है कि इनमें सिर्फ पॉलिटेक्निक या तकनीकी संस्थानों से पास आउट छात्र ही नहीं, बल्कि राज्य के सामान्य शिक्षित बेरोजगार युवा भी हिस्सा ले सकेंगे। सरकार का दावा है कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर मौके पर ही नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी को नौकरी के लिए भटकना न पड़े।
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को आमावाला स्थित आईआरडीटी सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इन मेलों की तैयारियां अभी से पुख्ता करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को हाथों-हाथ रोजगार उपलब्ध कराना है। इसी मकसद से तकनीकी शिक्षा विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है और अधिकारियों से कहा गया है कि उद्योगों के साथ तालमेल बिठाकर रिक्तियों का ब्योरा पहले ही जुटा लिया जाए।
Uttarakhand Rozgar Mela में आएंगी नामी कंपनियां
समीक्षा बैठक में मंत्री ने बताया कि तीनों रोजगार मेलों में नामी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। डिप्लोमा धारकों के साथ-साथ अन्य शिक्षित बेरोजगारों को उनकी योग्यता के अनुरूप मौके पर ही नियुक्ति मिल सके, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को उद्योगों से तालमेल बिठाकर रिक्त पदों का पूरा ब्योरा पहले से जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, अक्सर देखा जाता है कि मेले में कंपनियां तो आती हैं, लेकिन रिक्त पदों की स्पष्ट जानकारी न होने से युवा खाली हाथ लौट जाते हैं। इस बार सरकार इस कमी को पहले ही दूर करना चाहती है, ताकि हर योग्य युवा को उसकी क्षमता के मुताबिक अवसर मिल सके।
छात्रावासों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बैठक के दौरान मंत्री ने पॉलिटेक्निक संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी खास जोर दिया। डॉ. रावत ने कहा कि अधिकांश छात्र-छात्राएं दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों से आकर छात्रावासों में रहते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं मिलना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि जिन कॉलेजों में नए छात्रावासों की जरूरत है, उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर प्राथमिकता के आधार पर तुरंत शासन को भेजी जाए। इसके साथ ही छात्रों के लिए आधुनिक कंप्यूटर और साइंस लैब, समृद्ध पुस्तकालय, ओपन जिम, खेल सामग्री, गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शासन को त्वरित प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
आठ पॉलिटेक्निक कॉलेजों का निर्माण अंतिम चरण में
बैठक में पेश किए गए प्रजेंटेशन के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के आठ राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों — लोहाघाट, सल्ट, दन्या, गरुड़, गैरसैण, नई टिहरी, पंतनगर और काशीपुर — में भवनों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस समीक्षा बैठक में तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, उप सचिव व्योमकेश दुबे, यूबीटीआर के निदेशक सचिव मुकेश पांडे, संयुक्त निदेशक एस.के. वर्मा और उप निदेशक एम.के. कन्याल सहित विभाग के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।









