पौड़ी गढ़वाल के सुदूरवर्ती गांवों के लिए बुधवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के पाबौ ब्लॉक में करीब 16.18 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की नींव रखी गई, जिनमें से 90 फीसदी से ज्यादा रकम — लगभग 15.82 करोड़ रुपये — ग्रामीण सड़कों के नए निर्माण और सुधारीकरण पर खर्च होगी। कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने सैंजी, बुरांसी, जगतेश्वर और नौठा क्षेत्रों में इन कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस ‘pabau masterplan’ से लंबे समय से संकरी पगडंडियों और खस्ताहाल रास्तों पर निर्भर ग्रामीणों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, पाबौ के ग्रामीण इलाकों में वर्षों से बदहाल संपर्क मार्ग स्थानीय जनता के लिए सबसे बड़ी परेशानी बने हुए थे। बरसात में रास्ते बंद हो जाते थे और बीमारों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता था। अब एकमुश्त इतनी बड़ी धनराशि से सड़कों का जाल बिछने जा रहा है, जिससे न सिर्फ आवाजाही आसान होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी।
नौठा से कुल्याणी तक बनेगी सात किलोमीटर नई सड़क, ‘pabau masterplan’ की सबसे बड़ी परियोजना
क्षेत्रीय संपर्क को सुगम बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम नौठा-बुरांसी-कुल्याणी मोटर मार्ग के निर्माण के रूप में उठाया गया है। करीब सात किलोमीटर लंबे इस नए मोटर मार्ग पर 9 करोड़ 36 लाख 96 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही 96 लाख 13 हजार रुपये की लागत से सैंजी-कुरगड़खाल से ग्वालखड़ा मोटर मार्ग के निर्माण का भी भूमि पूजन किया गया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस मौके पर कहा कि जब तक गांव पक्की सड़क से नहीं जुड़ेंगे, तब तक बुनियादी विकास की रफ्तार अधूरी रहेगी। उन्होंने बताया कि नई सड़क बनने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक मरीजों और गर्भवती महिलाओं को पहुंचाना आसान हो जाएगा। असल में, पहाड़ी इलाकों में सड़क ही वह पहली जरूरत है, जिससे बाकी सारा विकास जुड़ा होता है।
स्कूलों के क्लासरूम और टाइल्स मार्गों को भी हरी झंडी
सड़कों के अलावा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। राजकीय इंटर कॉलेज जगतेश्वर में 23 लाख 80 हजार रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण का शिलान्यास हुआ। विद्यालय तक छात्रों की आसान आवाजाही के लिए बुरांसी मुख्य मार्ग से स्कूल तक 8 लाख 21 हजार रुपये की लागत से बने टाइल्स मार्ग का लोकार्पण भी किया गया।
वहीं, 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सैंजी-चौलसैंण, राजकीय इंटर कॉलेज तथा चपलौड़ी-फलदाड़ी सड़क पर इंटरलॉकिंग टाइल्स और सुधारीकरण कार्यों को हरी झंडी दिखाई गई। जर्जर रास्तों और टूटे-फूटे क्लासरूम की समस्या से जूझ रहे इन इलाकों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
धार्मिक पर्यटन को रफ्तार, महिला समूहों को मिला संबल
सड़क और शिक्षा के अलावा स्थानीय धार्मिक धरोहरों को संवारने की पहल भी की गई है। बुरांसी स्थित ऐतिहासिक पातुल्या मंदिर और प्राचीन बिंदेश्वर मंदिर के स्थल विकास के कार्यों का शिलान्यास किया गया, जिस पर शुरुआती चरण में 3 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका सीधा मकसद क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को तराशना है, ताकि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकें।
कार्यक्रम के दौरान फलद्वाड़ी, सैंजी, बुरांसी, बड़ैथ और पैलार के महिला मंगल दलों को सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जरूरी सामग्री भी बांटी गई। इस मौके पर पाबौ मंडल अध्यक्ष विमल सिंह नेगी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विनोद नेगी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रजनी रावत और नरेंद्र भंडारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इन योजनाओं के पूरा होने पर पाबौ ब्लॉक की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।









