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Dehradun Panchayat By-Election 2026: 12 अक्टूबर को मतदान, 14 को मतगणना — पूरा शेड्यूल जारी

On: October 11, 2026 5:09 PM
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Dehradun Panchayat By-Election 2026: 12 अक्टूबर को मतदान, 14 को मतगणना — पूरा शेड्यूल जारी
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देहरादून के ग्रामीण अंचलों में खाली पड़े पंचायत प्रतिनिधियों के पदों को भरने के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। Dehradun panchayat by-election 2026 के तहत 12 अक्टूबर को मतदान और 14 अक्टूबर को मतगणना होगी, और इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम डॉ. आशीष चौहान ने पूरे चुनावी कार्यक्रम का खाका खींच दिया है। जिन भी ग्राम और क्षेत्र पंचायतों में पद रिक्त चल रहे थे, वहां अब चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसीलिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता 14 अक्टूबर को मतगणना संपन्न होने तक प्रभावी रहेगी।

Dehradun panchayat by-election 2026: नामांकन से चुनाव चिन्ह तक का शेड्यूल

चुनावी पर्चा दाखिल करने के लिए प्रत्याशियों को केवल दो दिन का समय मिलेगा। नामांकन पत्र 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संबंधित विकासखंड और निर्वाचन कार्यालयों में जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी का काम शुरू होगा।

अगर कोई उम्मीदवार मैदान से हटना चाहता है, तो उसके लिए 4 अक्टूबर को सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की मोहलत तय की गई है। अगले ही दिन यानी 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से सभी वैध प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। चिन्ह मिलते ही गांव-गांव में प्रचार का असली दौर परवान चढ़ेगा।

12 अक्टूबर को वोटिंग, 14 को नतीजे

मतदान की प्रक्रिया 12 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न कराई जाएगी। मतदान खत्म होने के 48 घंटे के भीतर, यानी 14 अक्टूबर की सुबह 8 बजे से मतपेटियां खोली जाएंगी और मतगणना शुरू होगी। परिणाम आने तक गिनती का कार्य लगातार चलेगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता के दायरे में आने वाले प्रादिक निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी तरह की नई विकास घोषणाओं या प्रलोभन देने वाली गतिविधियों पर सख्त रोक रहेगी। संबंधित रिटर्निंग और जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा व्यवस्था से लेकर पोलिंग बूथों की बुनियादी सुविधाओं का समय रहते भौतिक सत्यापन पूरा कर लें। बहरहाल, गांवों में चुनावी सरगर्मी के बीच प्रशासन की पूरी मशीनरी अलर्ट मोड पर है।

दरअसल, पंचायत प्रतिनिधियों के रिक्त पदों पर उपचुनाव ग्रामीण लोकतंत्र के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं, क्योंकि इन्हीं प्रतिनिधियों के जरिए गांवों में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। खाली पड़े पदों पर चुनाव न होने से कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, रिक्त सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद से ही गांवों में संभावित प्रत्याशियों के बीच सक्रियता बढ़ गई है।

गौरतलब है कि आचार संहिता लागू होने के बाद अब संबंधित क्षेत्रों में कोई भी नई विकास योजना घोषित नहीं की जा सकेगी और न ही किसी तरह का प्रलोभन दिया जा सकेगा। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 12 अक्टूबर को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें, क्योंकि ग्रामीण विकास की दिशा तय करने में हर एक वोट की अहमियत है।

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