देहरादून। राजधानी में खेल प्रेमियों का उत्साह रविवार को उस वक्त परवान चढ़ गया, जब रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सारमंग देहरादून मैराथन के पांचवें संस्करण का सफल समापन हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के 105 शहरों के साथ-साथ दुनिया के 9 देशों से आए धावकों ने हिस्सा लिया। Dehradun Marathon 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दून की वादियां अब वैश्विक खेल संस्कृति का अहम केंद्र बनती जा रही हैं।
यह मैराथन एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन्स एंड डिस्टेंस रेसेस (AIMS) की सदस्य होने के साथ-साथ वर्ल्ड एथलेटिक्स से प्रमाणित ट्रैक पर आयोजित की गई। स्थानीय खेल प्रेमियों और बाहर से आए धावकों के लिए यह मंच आपसी तालमेल और खेल भावना का बड़ा केंद्र बनकर उभरा।
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में देहरादून में रनिंग कल्चर तेजी से बढ़ा है। सुबह-सुबह राजपुर रोड और रायपुर इलाके में दौड़ते युवाओं की टोलियां अब आम नजारा बन गई हैं, और इस मैराथन ने उस जुनून को एक बड़ा मंच दे दिया है।
Dehradun Marathon में 9 देशों के एथलीटों ने भरी हुंकार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके इस आयोजन में फ्रांस, जर्मनी, जापान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, इजरायल और यूनाइटेड किंगडम समेत 9 देशों के एथलीटों ने शिरकत की। विदेशी धावकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को सही मायनों में अंतरराष्ट्रीय रंग दे दिया। बताया जा रहा है कि कई विदेशी एथलीट दून के मौसम और ट्रैक की तारीफ करते नजर आए।
दरअसल, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन न सिर्फ खेल संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि मेजबान शहर की पहचान को भी नई ऊंचाई देते हैं — और देहरादून के लिए यह मैराथन अब एक पहचाना-माना ब्रांड बन चुका है।
पहली बार जुड़ी 51K अल्ट्रा मैराथन, सुबह 4 बजे हुआ आगाज
इस बार के संस्करण की सबसे खास बात पहली बार जोड़ी गई 51 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन रही। अल्ट्रा मैराथन को धावकों की दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों में गिना जाता है, और 51 किलोमीटर की यह दूरी सामान्य मैराथन से भी आगे की परीक्षा है। सूरज निकलने से पहले ही, ठीक सुबह 4 बजे इस लंबी दूरी की दौड़ का आगाज हुआ, जिसने धावकों की सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ली। अंधेरे में दौड़ते धावकों का नजारा देखने लायक था।
इसके अलावा पारंपरिक 42.195 किलोमीटर की पूर्ण मैराथन, 21.0975 किलोमीटर की हाफ मैराथन के साथ-साथ 10K, 5K और 2K की दौड़ स्पर्धाएं भी आयोजित की गईं। इनमें हर उम्र वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया — अनुभवी एथलीटों से लेकर पहली बार दौड़ने वाले शौकिया धावकों तक, सभी में जबरदस्त जोश देखने को मिला।
रश्मि रंजन-सुषमा जैन ने मारी बाजी, विधायक ने दिए पुरस्कार
विभिन्न श्रेणियों के मुकाबलों में पुरुष और महिला वर्ग के धावकों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। 51K अल्ट्रा मैराथन में रश्मि रंजन और सुषमा जैन ने अपने-अपने वर्ग में बाजी मारी। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए सभी विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफियां प्रदान कीं और उनका हौसला बढ़ाया।
सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए तैनात स्वयंसेवकों और मेडिकल टीमों ने भी आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। कुल मिलाकर, पांचवां संस्करण देहरादून मैराथन की बढ़ती लोकप्रियता की गवाही दे गया — और आयोजकों को उम्मीद है कि अगले साल इसमें और भी ज्यादा धावक हिस्सा लेंगे।









