काशीपुर। उत्तराखंड के काशीपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद समेत आसपास के सीमावर्ती इलाकों में धरती डोलने से हड़कंप मच गया। अचानक महसूस हुए earthquake tremors के बाद लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदान की ओर दौड़ पड़े। कुछ पलों के लिए पंखे, खिड़कियां और दीवारों पर टंगे फ्रेम हिलते देख हर कोई सन्न रह गया।
राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक कहीं से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
चक्कर जैसा अहसास, फिर खड़कने लगे बर्तन
दिनचर्या में व्यस्त लोगों को पहले तो चक्कर आने जैसा अहसास हुआ, लेकिन जब टेबल, पंखे और बर्तन खड़कने लगे, तब जाकर माजरा समझ आया। देखते ही देखते मोहल्लों में शोर मच गया – बाहर निकलो, भूकंप आया है। बहुमंजिला इमारतों और सोसायटियों में रहने वाले लोग सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतर आए।
कुछ ही मिनटों में सड़कों और पार्कों में लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई अपने परिजनों को फोन मिलाकर उनका हालचाल जानने में जुट गया। दहशत का माहौल कुछ देर तक बना रहा, हालांकि झटके थमने के बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों को लौटने लगे।
झटके थमने के बाद भी कुछ देर तक लोग घरों के अंदर जाने से डरते रहे। कई परिवारों ने कुछ समय खुले में ही बिताया और आसपास के लोगों से घटना के बारे में चर्चा करते दिखे। स्थानीय लोगों के अनुसार झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि घरों के अंदर रखा सामान हिलने लगा था। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।
सीमावर्ती इलाकों में महसूस हुए झटके
बताया जा रहा है कि काशीपुर के साथ-साथ मुरादाबाद और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में भी धरती हिलती महसूस की गई। गौरतलब है कि उत्तराखंड का बड़ा हिस्सा भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है, इसलिए यहां समय-समय पर हल्के झटके महसूस होते रहते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक भूकंप के दौरान घबराने के बजाय मजबूत टेबल के नीचे शरण लेनी चाहिए और खुले मैदान की ओर जाना चाहिए। बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति की समीक्षा कर रहा है और किसी भी अप्रिय सूचना की पुष्टि नहीं हुई है।
झटकों की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। संबंधित जिलों के अधिकारियों को नुकसान की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती रिपोर्ट में कहीं से जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत की बात है। आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
गौरतलब है कि भूकंप के दौरान सबसे जरूरी है घबराना नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आप घर के अंदर हैं तो मजबूत टेबल या बेड के नीचे शरण लें और खिड़कियों व भारी सामान से दूर रहें। बाहर निकलते समय लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और खुले मैदान में जाकर बिजली के खंभों और इमारतों से दूर खड़े हों। भूकंप के बाद गैस और बिजली के कनेक्शन की जांच जरूर करें।















