लैपटॉप और मोबाइल के दौर में घंटों एक ही पोज़िशन में बैठना आम बात हो गई है। गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द या शाम तक कमर का दुखना — ये सब गलत पोस्चर के संकेत हैं। अच्छी खबर यह है कि छोटी-छोटी आदतों से इन्हें काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
गलत पोस्चर के संकेत पहचानें
अगर आप काम करते हुए आगे की ओर झुक जाते हैं, कुर्सी पर धंसकर बैठते हैं, या स्क्रीन देखने के लिए गर्दन नीचे झुकानी पड़ती है, तो पोस्चर बिगड़ रहा है। कंधों का एक तरफ़ झुकना और बार-बार गर्दन घुमाने की ज़रूरत पड़ना भी चेतावनी है।
बैठने का सही तरीका
पीठ सीधी रखें और कुर्सी के पिछले हिस्से से टिकी हो। पैर ज़मीन पर सपाट हों, घुटने कूल्हों के बराबर या थोड़े नीचे। स्क्रीन आंखों के स्तर पर होनी चाहिए — लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं तो नीचे किताबें रखकर ऊंचा करें। हर 45-50 मिनट में 2 मिनट खड़े होकर चलना न भूलें।
दिन में 5 मिनट की स्ट्रेचिंग
गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं और आगे-पीछे घुमाएं, कंधों को ऊपर उठाकर पीछे की ओर घुमाएं, और बैठे-बैठे कमर को दाएं-बाएं मोड़ें। ये हल्की स्ट्रेचिंग मांसपेशियों की जकड़न खोलती है। अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है या हाथ-पैरों में सुन्नपन है, तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।









