उत्तराखंड के युवाओं के लिए खुशखबरी भरी एक और खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पशुपालन विभाग तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 101 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। इन नवनियुक्त कार्मिकों में 88 पशुधन प्रसार अधिकारी और 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन इन युवाओं के कठिन परिश्रम, अनुशासन और मजबूत इरादों का सुखद परिणाम है। आज से ये सभी युवा उत्तराखंड सरकार का अभिन्न हिस्सा बनने के साथ जनसेवा की नई और महत्वपूर्ण यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपनी ऊर्जा, नए विचारों और ज्ञान के बल पर सरकारी कामकाज को और बेहतर व प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई।
सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। अब राज्य में सरकारी नौकरियां किसी सिफारिश या पहचान से नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के आधार पर मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवा पारदर्शी व्यवस्था के तहत सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।
पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मातृशक्ति का मुख्य आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन और गन्ना विकास विभाग सीधे तौर पर उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका, मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तिकरण और गांवों की समृद्धि का मुख्य जरिया है। राज्य सरकार पशुपालन को रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बनाने पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं से डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालकों को सब्सिडी पर गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां देने के साथ कृत्रिम गर्भाधान, समय पर टीकाकरण और बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गन्ना किसानों को यूपी से 5 रुपये प्रति कुंतल अधिक मूल्य
गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गन्ना सर्वे की पूरी व्यवस्था को अब ऑनलाइन और पूरी तरह पारदर्शी बना दिया गया है। किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए ‘गन्ना क्लीनिक’ और परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उन्होंने गर्व से बताया कि उत्तराखंड में गन्ना किसानों को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में 5 रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है।
नवनियुक्त कर्मियों को ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण, संतुष्टि’ का मंत्र
मुख्यमंत्री ने नए कर्मचारियों को जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक बिना देरी और पूरी पारदर्शिता से पहुंचाना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों को किसानों और पशुपालकों से सीधा संवाद करने और संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने साफ कहा कि आम जनता को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने शासकीय कार्यप्रणाली में ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूल मंत्र को अपनाकर पूरी ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता से काम करने का आह्वान किया।
संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और उत्तराखंड भी इस संकल्प को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी नवनियुक्त कार्मिकों से सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में शत-प्रतिशत योगदान देने की अपील की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, खजानदास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, सचिव एस.एन. पाण्डेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।









