मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
हरिद्वार कुंभ 2027 — उत्तराखण्ड शासन

उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: समान वेतन और DA का शासनादेश जारी, हजारों कर्मियों को मिलेगा लाभ

On: October 2, 2026 2:06 PM
Follow Us:
---Advertisement---
वित्तीय प्रबंधन में श्रेष्ठ प्रदर्शन — उत्तराखण्ड शासन

उत्तराखंड के सरकारी विभागों में उपनल (UPNL) के जरिए आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरी बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के साथ-साथ 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त सभी उपनल कर्मियों को समान वेतन और महंगाई भत्ता (DA) देने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू करने का निर्णय लिया है।

संशोधित शासनादेश जारी, दूसरे चरण की तारीख भी तय

बीते गुरुवार को सैनिक कल्याण सचिव युगल किशोर पंत ने उपनल कर्मियों के समान वेतन संबंधी आदेश में संशोधन करते हुए आधिकारिक जीओ जारी कर दिया। संशोधित आदेश के अनुसार एक जनवरी 2016 से पहले और एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त सभी कर्मियों को अब न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते सहित भुगतान तत्काल प्रभाव से दिया जाएगा। सरकार के इस कदम से प्रदेश के बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

वहीं, सैनिक कल्याण सचिव ने बताया कि 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 की पात्रता कटऑफ तिथि के बीच नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मियों को वेतनमान व महंगाई भत्ता देने की प्रक्रिया आगामी एक अप्रैल 2027 से शुरू होगी। बाकी सभी नियम और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।

कर्मचारी संघ के दबाव के बाद सरकार ने उठाया कदम

गौरतलब है कि बीते दिनों ‘उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ’ ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 22 हजार उपनल कर्मियों के चरणबद्ध नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार के सामने जोरदार आवाज उठाई थी। संघ के पदाधिकारियों ने बताया था कि बीते 10 सितंबर को हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कर्मचारियों का वेतन न रोकने, पांच महीने का बकाया वेतन तुरंत जारी करने और कर्मियों को किसी नए अनुबंध या बॉन्ड के लिए बाध्य न करने का सख्त निर्देश दिया था।

इसके बावजूद शासन स्तर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हो रहा था, जिससे कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। अब नया शासनादेश आने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment