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हरिद्वार कुंभ 2027 — उत्तराखण्ड शासन

अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल बनाने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड

On: August 29, 2026 11:35 AM
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वित्तीय प्रबंधन में श्रेष्ठ प्रदर्शन — उत्तराखण्ड शासन

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने सैनिक कल्याण के क्षेत्र में देशभर के लिए मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट बैठक में सेना में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले अग्निवीरों के लिए विशेष ‘रोजगार सेल’ गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उत्तराखंड अग्निवीरों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के लिए समर्पित सेल बनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ले चुकी है।

शहीदों के परिजनों की अनुग्रह राशि में भारी बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अनुग्रह राशि में भारी वृद्धि का फैसला लिया गया। अब परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों को 1.5 करोड़ रुपये के बजाय 2 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं अन्य श्रेणी के वीर बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। जवानों की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए वीर शहीदों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। हर बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जा रही है; अब तक 28 पात्र आश्रितों को सेवा में समायोजित किया जा चुका है। आश्रितों के लिए आवेदन की समय सीमा भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है।

सैनिकों को स्टांप शुल्क में छूट, ‘सैन्य धाम’ का काम पूर्ण

सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति या भूमि की खरीद पर स्टांप शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। सैनिक परिवारों को भूमि धोखाधड़ी से बचाने और जिला अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष कानूनी कदम उठाए गए हैं। राजधानी देहरादून में शहीदों की स्मृति में निर्मित ‘सैन्य धाम’ का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और जल्द इसका लोकार्पण होगा। इसके निर्माण में प्रदेश के सभी बलिदानियों के घर-आंगन की पवित्र मिट्टी लाकर स्थापित की गई है और उनकी शौर्य गाथाएं स्वर्णिम अक्षरों में उकेरी गई हैं।

नेपाल जल आपदा पर भारत की मदद

इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल जल आपदा को लेकर समीक्षा बैठक की। भारत ने पड़ोसी देश नेपाल की सहायता के लिए 47.5 टन राहत सामग्री रवाना की है। वहीं नेपाल बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के नागरिकों के रेस्क्यू के लिए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के निर्देश पर आईएएस अधिकारी आशीष कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम राहत व बचाव कार्य में जुटी है।

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