देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी विभागों में उपनल (UPNL) के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने समान वेतन और महंगाई भत्ते (DA) को लेकर संशोधित शासनादेश जारी कर दिया है, जिससे बड़ी संख्या में उपनल कर्मियों को तत्काल लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
संशोधित शासनादेश में क्या है खास
सैनिक कल्याण सचिव युगल किशोर पंत ने गुरुवार को उपनल कर्मियों के समान वेतन संबंधी आदेश में संशोधन करते हुए नया शासनादेश (GO) जारी किया। इसके मुताबिक 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मियों के साथ-साथ 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त सभी उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते सहित भुगतान की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएगी। पहले चरण के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।
अगले चरण की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से
सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 की पात्रता कटऑफ तिथि के बीच नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मियों को वेतनमान व महंगाई भत्ता देने की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी सभी नियम और शर्तें पहले की तरह ही यथावत लागू रहेंगी।
कर्मचारी संघ के दबाव के बाद आया फैसला
गौरतलब है कि ‘उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ’ लंबे समय से प्रदेशभर के करीब 22 हजार उपनल कर्मियों के चरणबद्ध नियमितीकरण की मांग कर रहा था। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार 10 सितंबर को हाईकोर्ट ने मौखिक निर्देश में कर्मचारियों का वेतन न रोकने, पांच माह का बकाया वेतन तुरंत जारी करने और किसी नए अनुबंध या बॉन्ड के लिए बाध्य न करने को कहा था। इसके बावजूद शासन स्तर से स्पष्ट आदेश न आने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया था। अब नए शासनादेश के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।









