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सीएम आवास पर पुष्कर सिंह धामी से मिले बाबा रामदेव, उत्तराखंड के विकास पर हुई बड़ी चर्चा

By: Sansar Live Team

On: Wednesday, September 2, 2026 4:10 PM

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देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर हलचल उस वक्त बढ़ गई जब योगगुरु बाबा रामदेव अचानक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचे। दोनों के बीच हुई इस शिष्टाचार मुलाकात का दायरा केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उत्तराखंड के भविष्य, रोजगार और राज्य की प्राचीन धरोहर को दुनिया के नक्शे पर चमकाने का पूरा खाका नजर आया। करीब आधे घंटे तक चली इस बैठक में प्रदेश के विकास से लेकर वेलनेस टूरिज्म तक कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

दरअसल, उत्तराखंड सरकार लंबे समय से राज्य को सिर्फ तीर्थाटन ही नहीं, बल्कि ‘वेलनेस और हीलिंग’ के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुटी है। इसी कड़ी में हुई इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक के दौरान दोनों हस्तियों ने माना कि हिमालय की गोद में बसे इस राज्य के पास वह सब कुछ है जो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिल सकता।

देवभूमि की पहचान और योग-आयुर्वेद का संगम

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं है, यह सदियों से योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की तपोस्थली भी रहा है। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि उत्तराखंड की इस विशिष्ट पहचान को वैश्विक मंच पर और ज्यादा मजबूती से उभारा जाए।

धामी के मुताबिक, हमारी पारंपरिक ज्ञान संपदा केवल सेहत सुधारने का जरिया नहीं है, बल्कि यह पहाड़ों में पलायन रोकने और युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने का सबसे बड़ा जरिया बन सकती है। आयुर्वेद और योग के दम पर राज्य में स्वास्थ्य पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।

वेलनेस टूरिज्म से बदलेगी पहाड़ों की आर्थिकी

बैठक में इस बात पर भी खास फोकस रहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दुनिया भर के लोग शांति और स्वास्थ्य की तलाश में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में वेलनेस, योग और नेचुरोपैथी आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। सरकार इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत कदम उठा रही है ताकि स्थानीय स्तर पर होमस्टे, हर्बल खेती और वेलनेस सेंटर्स के जरिए आम जनता को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके।

हिमालयी आबोहवा बनेगी दुनिया के लिए वरदान: बाबा रामदेव

वहीं दूसरी तरफ, योगगुरु बाबा रामदेव ने राज्य सरकार द्वारा पारंपरिक चिकित्सा और योग को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कामों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, शुद्ध हिमालयी वातावरण और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा इसे दुनिया का सबसे बड़ा योग और वेलनेस हब बनाने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनाती है। रामदेव ने भरोसा जताया कि अगर सही दिशा में काम जारी रहा, तो आने वाले दिनों में उत्तराखंड वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक चिकित्सा की सबसे बड़ी राजधानी बनकर उभरेगा।

देहरादून में हुई इस बैठक के बाद यह साफ संकेत मिलता है कि धामी सरकार राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए अब पारंपरिक चिकित्सा और पर्यटन के नए मॉडल्स को जमीनी स्तर पर उतारने की पूरी तैयारी में है।

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