पहाड़ों से मैदानों तक मानसून का जोर उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही वर्षा ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। मैदानी और निचले क्षेत्रों में भी रुक-रुककर मध्यम से तेज बौछारें गिर रही हैं। मौसम विभाग (IMD Weather Alert) की मानें तो राज्य में मानसून ने फिर से जोर पकड़ लिया है। विभाग ने आज प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई है।
पिथौरागढ़ में चीन सीमा का संपर्क भंग सीमांत जिले पिथौरागढ़ में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग कुलगाड़ के समीप मलबा आने से बंद हो गया। इसके अलावा कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग तीन स्थानों पर भूस्खलन होने के कारण ठप पड़ा है, जिससे चीन सीमा से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। जिले की 16 अन्य अंदरूनी सड़कें भी आवाजाही के लिए बंद हैं।
हालात को देखते हुए उप जिलाधिकारी धारचूला ने कुलागाड़ वैली ब्रिज निर्माण के चलते ट्रैफिक एडवाइजरी (Traffic Advisory) जारी की है। इसके तहत रविवार को गाड़ियों की आवाजाही केवल दोपहर 12 से 1 बजे और शाम 4 से 5 बजे के बीच ही मुमकिन हो सकी, जबकि शाम 7:30 बजे के बाद ही मार्ग को पूरी तरह सुचारू करने का लक्ष्य रखा गया।
नैनीताल में दरकी पहाड़ी, हाईवे पर लगा जाम नैनीताल जिले में ज्योलीकोट-अल्मोड़ा हाईवे पर दो गांव के पास एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। पहाड़ी दरकने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए, जिससे राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। गनीमत यह रही कि जिस समय पहाड़ी गिरी, उस समय कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया।
घटना के बाद सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की टीम जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। सहायक अभियंता प्रमोद सुयाल के मुताबिक, मलबे को तेजी से हटाने का काम जारी है और जल्द ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा। उधर देहरादून के विकास नगर में अंबाडी बरोटीवाला मार्ग पर इंटर कॉलेज के पास बड़ा पेड़ गिरने से भी यातायात प्रभावित रहा।
चमोली और रुद्रप्रयाग में नदियां उफान की ओर चमोली जिले में शनिवार रात से बारिश का दौर जारी है। हालांकि, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा फिलहाल सुचारू रूप से चल रही है। जिले में गैरसैंण-ग्वालदम हाईवे को मलबा हटाकर खोल दिया गया है, लेकिन 22 ग्रामीण संपर्क मार्ग अभी भी अवरुद्ध हैं।
रुद्रप्रयाग जिले की बात करें तो बीते 24 घंटों में ऊखीमठ में 52 MM और जखोली में 25 MM बारिश दर्ज की गई है। जिले में मयाली-गुप्तकाशी मार्ग सहित कई सड़कें बंद हैं। राहत की बात यह है कि नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 626 मीटर के मुकाबले 624.50 मीटर और मंदाकिनी का जलस्तर 623.78 मीटर दर्ज किया गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है।
