उत्तराखंड में मौसम का मिजजा एक बार फिर बेहद खतरनाक हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार दोपहर 12:45 बजे से दोपहर 3:45 बजे तक के लिए देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिलों के कई प्रमुख इलाकों में अति तीव्र वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। अगले कुछ घंटों में रुड़की, लक्सर, भगवानपुर, लच्छीवाला, डोईवाला और ऋषिकेश जैसे इलाकों में तेज बिजली कड़कने के साथ भारी तूफान आने की पूरी आशंका है। इसके अलावा नरेंद्र नगर, घनसाली, दुगड्डा, रिखणीखाल, मोहनचट्टी, किरतपुर और सोना नदी रेंज के आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का रूप पूरी तरह से उग्र रहने की संभावना जताई गई है।
पूरे हफ्ते चरम पर रहेगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का तांडव
इस पूरे हफ्ते देवभूमि उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियां पूरी तरह से चरम पर रहने वाली हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन तीनों ही जिलों में बारिश का यह उग्र दौर आम जनजीवन को सीधे तौर पर बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही राज्य के आठ अन्य जिलों में आज गरज के साथ तेज बारिश का येलो अलर्ट भी लागू किया गया है। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में मौसम बेहद खराब बना हुआ है। वहीं, हरिद्वार जिले के कई हिस्सों में आज आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा खतरा भी मंडरा रहा है।
पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश का कहर, घनसाली में गिरे विशालकाय बोल्डर
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब धीरे-धीरे भयानक तबाही में बदलने लगा है। भिलंगना क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं बहुत तेज हो गई हैं। शनिवार देर रात घनसाली के चमियाला बाजार में अचानक पहाड़ी से एक विशालकाय बोल्डर और बड़ी-बड़ी चट्टानें टूटकर सीधे दुकानों के ऊपर आ गिरीं। इन भारी-भरकम पत्थरों की चपेट में आने से पूर्व सभासद शिवेंद्र रतूड़ी की दुकान की छत पूरी तरह से टूट गई। इसके अलावा आसपास मौजूद कई अन्य दुकानों के शटर भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। रात के वक्त इन बोल्डर के गिरने की तेज आवाज से पूरे बाजार क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी और डर का माहौल पैदा हो गया था।
टल गया बड़ा हादसा, व्यापारियों को हुआ भारी नुकसान
इस खौफनाक घटना में स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक रूप से बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त रात का समय था और बाजार पूरी तरह से बंद था, जिसकी वजह से कोई भी बड़ी जनहानि होने से बाल-बाल बच गई। हालांकि, इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश ने चमियाला बाजार के ऊपर मौजूद पहाड़ियों को बेहद कमजोर कर दिया है, जिससे हर वक्त पत्थरों और मलबे के गिरने का खतरा बना रहता है। अगर यही चट्टानें दिन के समय गिरतीं, तो बाजार की भारी भीड़ के कारण दर्जनों बेकसूर लोगों की जान जा सकती थी।
मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल, तापमान में आया अचानक उछाल
दूसरी तरफ, पर्वतीय इलाकों की आफत के उलट मैदानी जिलों में मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिला। रविवार को राजधानी देहरादून में तेज धूप और भारी उमस ने लोगों को बुरी तरह परेशान कर दिया। दून का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री ऊपर चढ़कर 32.9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। हालांकि, दिनभर की इस भीषण उमस भरी गर्मी के बाद शाम ढलते ही दून के कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली।
धर्मनगरी हरिद्वार में भी रविवार का दिन बेहद गर्म और तपिश भरा साबित हुआ। चिलचिलाती धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और शाम के वक्त भी हवा में गर्मी का असर कम नहीं हुआ। आईआईटी कृषि मौसम वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को हरिद्वार का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि शनिवार को यह अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस था। यानी एक ही दिन में हरिद्वार के पारे में सीधे 3.6 डिग्री सेल्सियस का बड़ा उछाल दर्ज किया गया।
