उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के निवासियों के लिए आज की रात कुछ अलग होने वाली है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और नागरिक सुरक्षा निदेशालय के आदेश पर आज रात शहर के खास हिस्सों में ‘ब्लैकआउट’ और ‘एयर रेड’ अभ्यास (Dehradun Blackout Mock Drill) किया जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल की देखरेख में होने वाली इस ड्रिल का मकसद किसी भी युद्ध जैसी स्थिति या बड़ी आपदा के समय प्रशासन और जनता की तैयारी को परखना है।
रात 10:05 बजे से मचेगी हलचल
प्रशासन ने साफ़ किया है कि यह ड्रिल रात 10:05 बजे से शुरू होगी। जैसे ही घड़ी की सुइयां 10:05 पर पहुंचेंगी, शहर के चिन्हित इलाकों में तेज सायरन बजने लगेंगे। सायरन बजते ही अगले 30 मिनट के लिए इन क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें, पार्कों की रोशनी और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन के साथ-साथ सेना, NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें जमीन पर उतरकर अपने तालमेल का टेस्ट करेंगी।
इन 4 प्रमुख इलाकों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस महत्वपूर्ण ड्रिल के लिए देहरादून के सबसे व्यस्त और मुख्य चार केंद्रों को चुना है। अगर आप इन इलाकों के आसपास रहते हैं या यहाँ से गुजरने वाले हैं, तो नोट कर लें:
- घंटाघर (Clock Tower)
- ISBT परिसर
- आराघर
- डिल रायपुर
इन जगहों पर पुलिस और प्रशासन का कड़ा पहरा रहेगा। तहसील स्तर के अधिकारियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि रिस्पॉन्स टाइम को सटीक तरीके से मापा जा सके।
कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी
इस अभ्यास को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर ‘इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर’ (EOC) को एक्टिव कर दिया गया है। दूरसंचार और वायरलेस के जरिए सभी विभागों के बड़े अधिकारी कंट्रोल रूम में तैनात रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह केवल कागजी खानापूर्ति नहीं है, बल्कि धरातल पर अधिकारियों की फुर्ती और आपदा से निपटने की क्षमता को मापने की असली परीक्षा है।
घबराएं नहीं, यह सिर्फ एक अभ्यास है
प्रशासन ने देहरादून की जनता से विशेष अपील की है कि वे सायरन की आवाज सुनकर या अचानक बिजली गुल होने पर बिल्कुल न घबराएं। यह एक पूर्व निर्धारित सुरक्षा अभ्यास है। जिलाधिकारी ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की एक प्रक्रिया का हिस्सा समझें।
मॉक ड्रिल: मुख्य विवरण एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| तारीख | 24 अप्रैल 2026 |
| सायरन का समय | रात 10:00 बजे से |
| ब्लैकआउट अवधि | रात 10:05 से 10:35 बजे (लगभग) |
| नोडल एजेंसी | नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण |
| प्रमुख सहयोगी | सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और सिविल डिफेंस |
