उत्तरकाशी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को एक अलग ही अंदाज में नजर आए। सूबे के मुखिया बड़कोट तहसील के दूरस्थ नगाण गांव पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा में शिरकत की। ढोल-दमाऊ की थाप और स्थानीय लोगों के भारी उत्साह के बीच पहुंचे सीएम ने न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया, बल्कि प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। दरअसल, मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह आध्यात्मिक और संवेदनाओं से जुड़ा था।
यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की धर्मपत्नी स्वर्गीय उमा देवी के वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर किया गया था। मुख्यमंत्री धामी ने कथा स्थल पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ जमीन पर बैठकर भगवान की कथा सुनी, जिससे वहां मौजूद स्थानीय लोग काफी प्रभावित दिखे।
पीएम मोदी के नेतृत्व में बढ़ा देश का मान: सीएम धामी
कथा के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्म और राजनीति के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब से देश की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाली है, तब से भारत में सनातन धर्म का ‘स्वर्णिम युग’ लौट आया है। सीएम ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज हमारी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया भर में सम्मान मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की बुद्धि और विवेक को जागृत करने का माध्यम है। इससे न केवल जीवित मनुष्यों को मार्गदर्शन मिलता है, बल्कि हमारे पितरों को भी बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।” उन्होंने नगाण गांव के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे आत्मिक शांति का केंद्र बताया।
‘वृंदावन जैसा ही पावन है हमारा उत्तराखंड’
उत्तराखंड की तुलना आध्यात्मिक नगरी वृंदावन से करते हुए धामी ने कहा कि जिस तरह का महत्व वृंदावन धाम का है, वैसी ही पवित्रता हमारी देवभूमि की है, जहां साक्षात चारधाम विराजमान हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के विजन को साझा करते हुए बताया कि केदारनाथ के भव्य पुनर्निर्माण के बाद अब बद्रीनाथ धाम में भी मास्टर प्लान के तहत तेजी से काम चल रहा है।
विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कोई एक दिन में होने वाली घटना नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की मुख्यधारा को पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखने की जरूरत पर भी बल दिया।
नगाण गांव को सीएम ने दी ‘बारात घर’ की सौगात
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक ही नहीं रहा, बल्कि स्थानीय समस्याओं के समाधान का जरिया भी बना। ग्राम प्रधान की मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सीएम धामी ने नगाण गांव में एक ‘बारात घर’ बनाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में लंबे समय से एक सामुदायिक भवन या बारात घर की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे अब मुख्यमंत्री ने पूरा करने का भरोसा दिया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कई दिग्गज नेता और अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल और गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने भी शिरकत की। वहीं प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा और व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान नगाण गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। मुख्यमंत्री ने कथा समापन के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर फीडबैक भी लिया। शाम को मुख्यमंत्री वापस देहरादून के लिए रवाना हो गए, लेकिन उनका यह दौरा बड़कोट क्षेत्र के लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
