प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) गोबरधन योजना को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस बेहद खास योजना के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 23,731 करोड़ रुपये का भारी-भरकम परिव्यय तय किया गया है, जो देश की ग्रामीण तस्वीर को पूरी तरह बदलकर रख सकता है।
सीएम धामी ने जताया आभार, किसानों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के इस शानदार फैसले का दिल से स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार जताते हुए कहा कि यह दूरदर्शी कदम देश के भीतर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारे मेहनतकश किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगे बताया कि यह CBG गोबरधन योजना देश के अंदर कम्प्रेस्ड बायोगैस के उत्पादन में भारी तेजी लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसकी मदद से कृषि से निकलने वाले अवशेषों और तमाम तरह के जैविक कचरे का बहुत ही बेहतरीन और सही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कचरे से बनेगी ऊर्जा, पर्यावरण पर घटेगा प्रदूषण का दबाव
अब तक हमारे देश में जिन चीजों को बेकार समझकर यूं ही फेंक दिया जाता था या जला दिया जाता था, सरकार अब उन्हीं चीजों से ऊर्जा और गैस का निर्माण करेगी। इससे गांवों में कचरा प्रबंधन (Waste Management) को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी और साथ ही पर्यावरण पर पड़ने वाला हानिकारक दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। इस योजना के जरिए भारत की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की आमदनी दोनों को एक साथ पंख लगेंगे।
