देवभूमि उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की और यात्रा की मौजूदा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों का पूरा फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन, भारी संख्या में हो रहा पंजीकरण
इस साल चारधाम यात्रा को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 14 सितंबर तक कुल 50.56 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर चुके हैं, जबकि यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वाले यात्रियों का कुल आंकड़ा 66.07 लाख को पार कर चुका है। भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में सभी जरूरी और आधुनिक सुविधाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रियों को रास्ते में किसी भी तरह की अनचाही परेशानी का सामना न करना पड़े।
यमुनोत्री और केदारनाथ मार्ग पर विशेष तैयारी
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में लगातार बढ़ती भीड़ और आवागमन की स्थिति को देखते हुए धाम से करीब 500 मीटर पहले एक दूसरा नया घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डंडी-कंडी सेवाओं को पूरी तरह व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा यमुनोत्री और गंगोत्री पैदल मार्गों के चौड़ीकरण तथा गड्ढामुक्त करने के कार्यों में तेजी लाने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और हेली सेवाओं पर कड़ी नजर
यात्रा मार्गों पर लगातार बदलते मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा गया है। विशेषकर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी है कि हेली सेवाओं के टिकट केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही मिलने चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने या अवैध टिकट बिक्री की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
