उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मूसलाधार बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रेमनगर क्षेत्र में सोमवार देर रात उफनते बरसाती रपटे में पानी के प्रचंड वेग के कारण दो गाड़ियां बह गईं। कंडोली-बिधोली पुल के पास हुए इस भीषण हादसे में कुल पांच लोग सवार थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, SDRF और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की। रेस्क्यू टीम ने तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दो होनहार युवाओं की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
रात के अंधेरे में तेज बहाव का अंदाजा न होना बना काल
कोतवाली प्रेमनगर को 31 अगस्त और 1 सितंबर की दरमियानी रात कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली कि कंडोली-बिधोली रपटे में दो गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गई हैं और उनमें कई लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत आपदा उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा दमकल विभाग को अलर्ट किया गया।
रात के घने अंधेरे और पानी की अत्यधिक रफ्तार के कारण बचाव अभियान चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। पहाड़ी क्षेत्रों में मानसूनी बारिश के दौरान छोटे नाले और रपटे अचानक विकराल रूप ले लेते हैं। कार सवारों को पानी की गहराई और उसकी रफ्तार का सही अंदाजा नहीं लग सका, जिसके चलते दोनों गाड़ियां सड़क से फिसलकर नाले के उफान में जा समाईं।
एक वाहन से छात्र तो दूसरी से MBBS छात्रा का शव बरामद
रेस्क्यू टीमों ने नदी के बीच फंसी स्कॉर्पियो-एन (HR 08 AG 8743) से सबसे पहले बचाव कार्य शुरू किया। इस गाड़ी में सवार हरियाणा निवासी संभव (22) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि उनके साथी अक्षय (21) निवासी जयपुर, राजस्थान की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने अक्षय का शव गाड़ी के भीतर से बरामद किया।
दूसरी तरफ, पानी के बहाव में बही क्रेटा कार (RJ13 CE 5641) में एक युवक और दो युवतियां सवार थीं। रेस्क्यू टीम ने अंश बवेजा (22) निवासी श्रीगंगानगर और बीबीए-एलएलबी की छात्रा सहज प्रीति कौर (18) को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, पीलीबंगा (हनुमानगढ़/श्रीगंगानगर) की रहने वाली 19 वर्षीय कनन सचदेवा पुत्री विकास सचदेवा को नहीं बचाया जा सका। कनन टाटिया यूनिवर्सिटी गंगानगर में एमबीबीएस की छात्रा थीं। उनका शव नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद किया गया।
एडमिशन दिलाने आए थे परिजन व दोस्त, पसरा मातम
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि स्कॉर्पियो सवार दोनों युवक प्रेमनगर स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के छात्र हैं। वहीं क्रेटा कार में सवार युवक और युवतियां राजस्थान से अपनी एक साथी का प्रेमनगर के निजी संस्थान में कॉलेज में एडमिशन कराने के उद्देश्य से देहरादून आए थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि खुशी का यह सफर इतने भयानक हादसे में बदल जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल भिजवा दिया है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
