हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों में से एक, वीआईपी घाट (VIP Ghat) इन दिनों एक बेहद शर्मनाक वजह से चर्चा में है। मां गंगा के आंचल में जहां दूर-दूर से लोग मोक्ष और आत्मिक शांति की तलाश में आते हैं, वहां अश्लील गानों पर बार बालाओं के डांस का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिसके बाद तीर्थनगरी के साधु-संतों और धार्मिक संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
दरअसल, यह पूरा बखेड़ा ‘किसानों का महाकुंभ’ नाम के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान खड़ा हुआ। किसानों की समस्याओं और उनके अधिकारों पर चर्चा करने के लिए इस मंच को सजाया गया था। लेकिन, अचानक कार्यक्रम की गरिमा को ताक पर रख दिया गया। गंभीर मुद्दों पर बात होने के बजाय मंच पर डांसरों के अश्लील ठुमके लगने लगे।
किसान महाकुंभ के मंच पर अश्लीलता का तड़का
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का मकसद तो बहुत नेक था, लेकिन आयोजकों ने भीड़ जुटाने या मनोरंजन के नाम पर मर्यादाओं की सारी हदें पार कर दीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस समय गंगा के पावन तट पर मंत्रोच्चार और शंखनाद होना चाहिए था, उस समय वहां तेज आवाज में फूहड़ गाने बज रहे थे। किसी ने चुपके से इस पूरे नजारे का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और उसे इंटरनेट पर डाल दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और इसने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया।
भड़के संत, बोले- आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
वीडियो सामने आते ही हरिद्वार के संतों और विभिन्न धार्मिक संगठनों में भारी उबाल है। गंगा सभा से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय साधु-संतों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। संतों का साफ कहना है कि वीआईपी घाट जैसी पवित्र जगह पर इस तरह का कृत्य सनातन धर्म और हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। हरिद्वार कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है, यह एक वैश्विक तीर्थ स्थल है। ऐसे में घाटों पर इस तरह की फूहड़ता फैलाकर धर्मनगरी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन और पुलिस की जांच शुरू
इस भारी आक्रोश के बीच अब जिला प्रशासन और पुलिस भी हरकत में आ गई है। संतों और धार्मिक संगठनों ने आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को यह जांच करनी चाहिए कि आखिर इस तरह के धार्मिक और संवेदनशील स्थान पर ऐसे डांस की अनुमति किसने और क्यों दी? फिलहाल, पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है और कार्यक्रम के आयोजकों की पहचान की जा रही है ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके, जिससे भविष्य में कोई दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके।
