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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का महायोग, एसएसबी जवानों और युवाओं संग प्राणायाम कर दिया बड़ा संदेश

By: Sansar Live Team

On: Sunday, June 21, 2026 8:15 AM

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टनकपुर/बनबसा: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के चम्पावत जिले के बनबसा में स्वास्थ्य, अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति का एक बेहद ही अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला. सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्र बनबसा में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में शिरकत की. मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद हजारों योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जांबाज जवानों, स्कूली छात्र-छात्राओं, ऊर्जावान युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठ नागरिकों के साथ जमीन पर बैठकर सामूहिक योगाभ्यास किया. इस खास मौके पर सीएम धामी ने सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और योग को एक खुशहाल, स्वस्थ और पूरी तरह संतुलित जीवन का असली आधार बताया.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पवित्र मां शारदा की इस पावन और ऐतिहासिक भूमि पर आकर क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर मिलना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत हर्ष, गर्व और सौभाग्य का विषय है. उन्होंने सीमांत क्षेत्र में योग दिवस के इस भव्य और सफल आयोजन को धरातल पर उतारने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, दूर-दूर से आए साधकों और आयोजन समिति के अधिकारियों का दिल से आभार व्यक्त किया.

योग सिर्फ कसरत नहीं, बल्कि जीने का एक पवित्र तरीका है

मुख्यमंत्री ने योग के महत्व को बहुत ही सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि योग को केवल शरीर को लचीला बनाने या शारीरिक व्यायाम (एक्सरसाइज) के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. वास्तव में योग हमारे मन, शरीर और पवित्र आत्मा के बीच एक गहरा सामंजस्य स्थापित करने वाली एक महान जीवन पद्धति है. उन्होंने कहा कि आज के इस भागदौड़ भरे दौर में योग हमारे अशांत मन को स्थिरता प्रदान करता है और किसी भी आम इंसान को सकारात्मकता, संतुलन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है.

सीएम धामी ने आगे कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, अवसाद (डिप्रेशन) और अस्वस्थ खान-पान व जीवनशैली से पैदा हो रही तमाम आधुनिक चुनौतियों के बीच योग एक बेहद अचूक और प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली यानी नेचुरल थेरेपी के रूप में काम कर रहा है. यदि कोई व्यक्ति नियम से हर दिन योग और प्राणायाम का अभ्यास करता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) तेजी से बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता बहुत मजबूत होती है और पूरे जीवन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है.

पीएम मोदी के प्रयासों से पूरी दुनिया में गूंजा “वसुधैव कुटुम्बकम्” का नारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के योग ने आज विश्वभर में पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने और जोड़ने का महान कार्य किया है. इसने हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” (पूरी दुनिया ही मेरा परिवार है) और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” (सभी सुखी और निरोगी रहें) के पावन संदेश को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित कर दिया है. उन्होंने गर्व से कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक और दूरदर्शी प्रयासों के चलते ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को यह वैश्विक पहचान मिली है. आज इसी का नतीजा है कि दुनिया के 190 से भी अधिक देशों में करोड़ों लोग भारतीय योग को अपनाकर इससे सीधे जुड़ चुके हैं.

देश की पहली योग नीति से उत्तराखंड बनेगा वेलनेस का ग्लोबल हब

उत्तराखंड के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी देवभूमि सदियों से योग, अध्यात्म, तप और महान ऋषियों की साधना की प्राचीन परंपराओं की मुख्य भूमि रही है. राज्य सरकार अब उत्तराखंड को पूरी दुनिया में योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के एक पवित्र और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है. उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली ‘योग नीति’ को सफलतापूर्वक लागू किया गया है.

इस क्रांतिकारी नीति के अंतर्गत राज्य में नए योग एवं ध्यान केंद्रों (Yoga and Meditation Centers) की स्थापना करने के लिए सरकार की तरफ से अधिकतम 20 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है. इसके साथ ही योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा (नेचरोपैथी) के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध, रिसर्च और अध्ययन को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के विशेष सरकारी अनुदान (ग्रांट) का प्रावधान भी किया गया है. इतना ही नहीं, सरकार पूरे प्रदेश में पांच नए अत्याधुनिक ‘योग हब’ (Yoga Hubs) तेजी से विकसित कर रही है और राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में आम जनता के लिए योग सेवाओं की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.

3300 करोड़ की शारदा कॉरिडोर परियोजना से बदलेगी टनकपुर-बनबसा की सूरत

मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता को बड़ी सौगात देते हुए कहा कि बनबसा में इस राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य शारदा नदी के इस पावन तट पर भी योग, ध्यान और आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है. उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार ‘शारदा कॉरिडोर परियोजना’ (Sharda Corridor Project) के माध्यम से इस पूरे सीमांत क्षेत्र को अध्यात्म और इको-टूरिज्म के विकास की एक बिल्कुल नई और वैश्विक पहचान देने के लिए पूरी ताकत से कार्य कर रही है.

लगभग 3300 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से विकसित की जा रही इस महात्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से लेकर बनबसा तक बेहद खूबसूरत ‘शारदा रिवर फ्रंट’ (Sharda River Front) का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न धार्मिक, पौराणिक और पर्यटन स्थलों को आधुनिक रूप से संवारा जा रहा है. इसके प्रथम चरण के तहत 179 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ भी आधिकारिक तौर पर किया जा चुका है.

युवाओं से विशेष अपील: नशे की बुराई से दूर रहकर अपनाएं अनुशासित जीवन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवाओं और छात्र-छात्राओं से एक बहुत ही भावुक और विशेष आह्वान किया. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी योग को केवल साल के एक दिन के उत्सव तक ही सीमित न रखे, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या का एक अनिवार्य और अटूट हिस्सा बनाएँ. सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी खतरनाक सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों से हमेशा दूर रहें और एक स्वस्थ, अनुशासित, सकारात्मक व ऊर्जावान जीवनशैली को अपनाएं. उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि सभी प्रदेशवासी देवभूमि उत्तराखंड को दुनिया का सबसे बड़ा योग केंद्र बनाने के सरकार के इस महासंकल्प को साकार करने में अपना पूरा और सक्रिय सहयोग जरूर प्रदान करेंगे.

कार्यक्रम में मौजूद रहे शासन-प्रशासन के ये तमाम दिग्गज अधिकारी

बनबसा में आयोजित इस भव्य और ऐतिहासिक योग दिवस कार्यक्रम के गरिमामयी अवसर पर राज्य के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मुख्यमंत्री के सचिव व कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आयुष सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु और कुमाऊं आईजी श्रीमती निवेदिता कुकरेती प्रमुख रूप से मौजूद रहीं. उनके साथ ही चम्पावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, उधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. जीएस खाती समेत कई अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, सेना के अधिकारी और शासन-प्रशासन के आला अफसर भी योगासन की मुद्राओं में पूरी तरह लीन नजर आए.

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