उत्तराखंड की वीर प्रसूता भूमि ने एक बार फिर देश को एक जांबाज सैन्य अधिकारी दिया है। पौड़ी गढ़वाल जिले के पाबौ विकासखंड के छोटे से गांव ‘नाई’ की रहने वाली मानसी रतूड़ी (Mansi Raturi) ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर इतिहास रच दिया है। मानसी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार का सिर ऊंचा किया है, बल्कि पूरे देवभूमि को गौरवान्वित किया है। कठिन चयन प्रक्रिया और कड़े सैन्य प्रशिक्षण को पार करने के बाद अब मानसी सेना में अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।
कोलकाता में पूरी हुई कड़ी सैन्य ट्रेनिंग
मानसी रतूड़ी के लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन पहाड़ की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें और भी मजबूत बना दिया। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पैठाणी स्थित श्री गुरु रामराय (SGRR) स्कूल से प्राप्त की। स्कूल के दिनों से ही मानसी अपनी पढ़ाई और अनुशासन के लिए जानी जाती थीं। उनका सपना शुरू से ही वर्दी पहनने का था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने कोलकाता में आयोजित बेहद कठिन सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया और लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया।
शिक्षक पिता और पूरे गांव में खुशी की लहर
मानसी की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग रहा है। उनके पिता राजेश रतूड़ी पेशे से एक शिक्षक हैं, जिन्होंने अपनी बेटी को हमेशा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। पिता का कहना है कि मानसी ने साबित कर दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। वहीं, मानसी की माता ने इसे पूरे परिवार के लिए सबसे गौरवशाली पल बताया है। इस खबर के बाद गांव की प्रधान यामिका रतूड़ी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानसी के घर बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी बधाई
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी मानसी रतूड़ी की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मानसी और उनके परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि मानसी अब पहाड़ की उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी, जो छोटे गांवों में रहकर देश सेवा का बड़ा सपना देखती हैं। सोशल मीडिया पर भी मानसी को ‘पहाड़ की शेरनी’ कहकर बधाइयां दी जा रही हैं।
