हल्द्वानी का एमबी इंटर कॉलेज शनिवार को एक बेहद खास राजनीतिक और विकासपरक हलचल का गवाह बना। मौका था उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का, जहां देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने न केवल मुख्यमंत्री धामी की पीठ थपथपाई, बल्कि उन्हें एक नया विशेषण भी दे दिया। राजनाथ सिंह ने बड़े ही सधे हुए अंदाज में कहा कि धामी अब सिर्फ ‘धाकड़’ ही नहीं रहे, बल्कि वह विकास के ‘धुरंधर’ बन चुके हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का स्वागत देवभूमि की परंपरा के अनुसार नंदा देवी मंदिर की सुंदर प्रतिकृति और स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर किया। मंच से जब राजनाथ सिंह ने बोलना शुरू किया, तो उन्होंने उत्तराखंड की जनता के शौर्य और मुख्यमंत्री की कार्यशैली को जिस तरह से जोड़ा, उसने वहां मौजूद भारी भीड़ में जोश भर दिया।
UCC और कड़े फैसलों ने बनाई उत्तराखंड की अलग पहचान
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य आज ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (UCC) का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने सामाजिक न्याय की दिशा में इतना बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
अमूमन देखा जाता है कि बड़े फैसलों पर सरकारें हिचकती हैं, लेकिन राजनाथ सिंह के अनुसार, धामी सरकार ने अतिक्रमण हटाने और नकल विरोधी कानून जैसे सख्त फैसले लेकर यह साबित कर दिया कि राज्य के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सुरक्षा सर्वोपरि है, और यही वजह है कि अवैध घुसपैठ और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ धामी सरकार का ‘बुलडोजर’ और ‘कलम’ दोनों मजबूती से चल रहे हैं।
पहाड़ की जवानी और पानी का होने लगा है सही इस्तेमाल
उत्तराखंड के बारे में एक पुरानी कहावत रही है कि “पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी” कभी पहाड़ के काम नहीं आता। लेकिन राजनाथ सिंह ने इस पर नया नजरिया पेश किया। उन्होंने बताया कि केंद्र की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना और राज्य सरकार के प्रयासों से अब सीमांत गांवों से पलायन रुक रहा है। असल में, विकास की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हल्द्वानी की इस जनसभा में रक्षा मंत्री ने सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। उनके अनुसार, यह सिर्फ संयोग नहीं है, बल्कि 25 साल की विकास यात्रा का वो पड़ाव है जहां अब उत्तराखंड आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री धामी ने गिनाईं 4 साल की उपलब्धियां
रक्षा मंत्री की सराहना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विस्तार से अपनी सरकार का विजन जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर काम कर रही है। धामी ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में निवेश का माहौल बदला है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के जरिए हुए करार अब धरातल पर उतरने लगे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि सरकार का विशेष ध्यान अब होमस्टे योजना और धार्मिक पर्यटन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पारदर्शी भर्ती प्रणाली और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने से युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है।
कार्यक्रम के अंत में रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया, जहां जमरानी बांध और राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति दिखाई गई। इस भव्य आयोजन में कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों की भारी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि 2026 की दहलीज पर खड़ी धामी सरकार अब पूरी तरह से चुनावी और विकास मोड में आ चुकी है।
