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“ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता”, कंगना रनौत के हमले पर भड़के बाबा रामदेव

By: Sansar Live Team

On: Monday, August 24, 2026 5:06 AM

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उत्तराखंड के हरिद्वार शहर से योग गुरु स्वामी रामदेव का एक बड़ा बयान सामने आया है। हरिद्वार की श्रीजी वाटिका में आयोजित ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामदेव ने देश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति यानी एससी/एसटी वर्ग के सम्मान के साथ-साथ ब्राह्मण समाज के सम्मान को लेकर बड़ा बयान दिया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जिस तरह से एससी/एसटी का अपमान करना संविधान के खिलाफ है, ठीक उसी तरह से ब्राह्मणों का अपमान किया जाना भी संविधान के खिलाफ ही माना जाना चाहिए।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने देश में बार-बार होने वाले चुनावों और आंदोलनों के दौरान होने वाले हंगामों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने देश में ‘एक देश, एक चुनाव’ की व्यवस्था लागू करने का पुरजोर समर्थन किया। इसके साथ ही, ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहे विवाद पर भी उन्होंने अपनी राय रखी और विरोध करने वाले लोगों को संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति को और बेहतर तरीके से समझने की सलाह दी।

भाजपा सांसद कंगना रनौत के विवाद पर टिप्पणी

हरिद्वार में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने भाजपा सांसद कंगना रनौत से जुड़े विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस देश के लोग जानते हैं कि स्वामी रामदेव कौन हैं और उनका क्या योगदान रहा है। इसलिए, वह ऐसे ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। स्वामी रामदेव ने स्पष्ट किया कि वह इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं।

दरअसल, पिछले दिनों कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बाबा रामदेव पर हमला बोला था। इसके बाद से ही दोनों के बीच का यह विवाद लगातार गरमाया हुआ है। इसी विवाद पर रविवार को हरिद्वार में बाबा रामदेव ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कंगना रनौत का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।

‘एक देश, एक चुनाव’ का पुरजोर समर्थन

हरिद्वार की श्रीजी वाटिका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव ने ‘एक देश, एक चुनाव’ का समर्थन किया। स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में यह व्यवस्था लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और विकास की गति भी काफी तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश के लोकतंत्र को किसी भी तरह की बाधाओं का बंधक नहीं बनने देना चाहिए।

स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में हर कुछ महीनों में कोई न कोई चुनाव होता रहता है। इस चुनावी प्रक्रिया के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है, क्योंकि शिक्षकों का काफी समय चुनावी ड्यूटी में चला जाता है। ‘एक देश, एक चुनाव’ लागू होने से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

दूसरी तरफ, जैसे ही बाबा रामदेव ने ‘एक देश, एक चुनाव’ का समर्थन किया, वैसे ही विपक्षी दलों के नेता इस पर भड़के हुए नजर आए। विपक्षी नेताओं का इस मुद्दे पर मानना है कि देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए ही यह सब कुछ किया जा रहा है।

स्वामी रामदेव ने देश के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन मैं चाहता हूं कि भारत साल 2040 तक ही विकसित राष्ट्र बन जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए कभी भी देश के हित के साथ समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

आंदोलनों में बच्चों के इस्तेमाल और हंगामे पर निशाना

योग गुरु स्वामी रामदेव ने देश के भीतर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के तौर-तरीकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि वे सड़कों पर और संसद के भीतर हंगामा और व्यवधान पैदा करके लोकतंत्र को बंधक बना सकते हैं। लेकिन स्वामी रामदेव ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति इस देश के लोकतंत्र को बंधक नहीं बना सकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, अर्थव्यवस्था, कृषि और लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं में सुधार की जरूरत है। सरकार इन क्षेत्रों में काम कर रही है और आगे भी काम जारी रहेगा। हालांकि, कुछ लोगों को लगता है कि देश में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वे तो पांच, सात और दस साल के बच्चों को भी विरोध-प्रदर्शनों में शामिल कर रहे हैं। उनसे पुलिस थानों को घेरने, एसपी और जिला मजिस्ट्रेट का घेराव करने और सड़कों पर खड़े होने के लिए कह रहे हैं।

योग गुरु ने कहा कि लोकतंत्र को सड़क और संसद में हंगामा कर बंधक बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। नाबालिग बच्चों को आंदोलनों में आगे नहीं करना चाहिए। स्वामी रामदेव ने कहा कि यदि किसी के साथ अन्याय हो रहा है तो 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।

वंदे मातरम विवाद और संस्कृति का पाठ

देश में ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद पर भी योग गुरु स्वामी रामदेव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी लोग भारत माता को दुर्गा और लक्ष्मी के रूप में मानते हैं। यही भारत माता हमारी आस्था, हमारा ज्ञान, हमारा मंदिर और हमें सुरक्षा व शक्ति देने वाली हैं। भारत माता हमारे लिए सर्वोच्च हैं और हमारी भक्ति व आकांक्षा का परम केंद्र हैं।

स्वामी रामदेव ने उन लोगों पर हमला बोला जो ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ के भीतर देवियों, देवताओं, मठों या मंदिरों का जिक्र देखते हैं, वे लोग मेरी नजर में हमारी संस्कृत और संस्कृति से कटे हुए लगते हैं।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने विरोध करने वाले लोगों से कहा कि उन्हें संस्कृत का थोड़ा और अध्ययन करना चाहिए और इसके अर्थ को बेहतर ढंग से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे लिए भारत माता ही हमारा ज्ञान, हमारी आस्था, हमारा मंदिर, हमारी पूजा, हमारा कर्तव्य, हमारा उद्देश्य, हमारी मंजिल, हमारा धर्म और हमारा सब कुछ हैं।

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