मुख्यमंत्री आवास में आज एक खास मुलाकात हुई, जिसने देवभूमि के आध्यात्मिक और विकास कार्यों की नई तस्वीर पेश की है। प्रसिद्ध कथा वाचक और आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान न केवल राज्य के विकास पर चर्चा हुई, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर भी दोनों के बीच गहरा संवाद हुआ।
चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर गदगद हुए महाराज
मुलाकात के दौरान देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही चारधाम यात्रा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब यात्रा कहीं अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुदृढ़ हो गई है। महाराज जी ने संतोष जताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में जो उल्लेखनीय सुधार हुए हैं, उससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को एक सुखद और भक्तिमय अनुभव मिल रहा है।
रोपवे प्रोजेक्ट और आधुनिक सुविधाएं बनीं चर्चा का केंद्र
आध्यात्मिक गुरु ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की भी दिल खोलकर प्रशंसा की। उन्होंने इसे श्रद्धालुओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया, जिससे दुर्गम रास्तों की दूरी कम होगी और बुजुर्ग व दिव्यांग भक्त भी आसानी से दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे धामों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
सनातन और युवा पीढ़ी पर सार्थक संवाद
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर महाराज जी के सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि हमेशा से आध्यात्मिक साधना का केंद्र रही है और सरकार का लक्ष्य इसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है। दोनों दिग्गजों के बीच समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार को लेकर भी लंबी बातचीत हुई।
